24 मार्च 2025 को मेलबर्न का पंचांग

सोमवार, 24 मार्च 2025, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

सोमवार, 24 मार्च 2025 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (11:08 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (09:48 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 07:26 पर और सूर्यास्त 19:25 पर है। राहुकाल 08:56 से 10:26 तक है।

दिन और रात
दिन 07:26 – 19:25
रात 07:27 तक
तिथि
नवमी, 11:08 तक
दशमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 मार्च 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण नवमी 11:08 तक
कृष्ण दशमी 10:35, 25 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 09:56, 25 मार्च तक
योग
परिघअशुभ 22:14 तक
शिव 20:23, 25 मार्च तक
करण
गर 11:08 तक
वणिज 22:58 तक
विष्टि (भद्रा) 10:35, 25 मार्च तक
चंद्र राशि
धनु 15:54 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:26
सूर्यास्त
19:25
चंद्रोदय
00:52
चंद्रास्त
16:29
दिनमान
11h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:50 – 06:38
अभिजीत मुहूर्त
13:02 – 13:50

अशुभ समय

राहुकाल
08:56 – 10:26
यमगंड
11:56 – 13:26
गुलिक काल
14:56 – 16:25

24 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:26 – 08:56शुभ
काल08:56 – 10:26टालें
शुभ10:26 – 11:56शुभ
रोग11:56 – 13:26टालें
उद्वेग13:26 – 14:56टालें
चर14:56 – 16:25सामान्य
लाभ16:25 – 17:55शुभ
अमृत17:55 – 19:25शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:25 – 20:55सामान्य
रोग20:55 – 22:26टालें
काल22:26 – 23:56टालें
लाभ23:56 – 01:26शुभ
उद्वेग01:26 – 02:56टालें
शुभ02:56 – 04:27शुभ
अमृत04:27 – 05:57शुभ
चर05:57 – 07:27सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:2608:26दिन
शनि08:2609:26दिन
गुरु09:2610:26दिन
मंगल10:2611:26दिन
सूर्य11:2612:26दिन
शुक्र12:2613:26दिन
बुध13:2614:26दिन
चंद्र14:2615:25दिन
शनि15:2516:25दिन
गुरु16:2517:25दिन
मंगल17:2518:25दिन
सूर्य18:2519:25दिन
शुक्र19:2520:25रात
बुध20:2521:25रात
चंद्र21:2522:26रात
शनि22:2623:26रात
गुरु23:2600:26रात
मंगल00:2601:26रात
सूर्य01:2602:26रात
शुक्र02:2603:26रात
बुध03:2604:27रात
चंद्र04:2705:27रात
शनि05:2706:27रात
गुरु06:2707:27रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
26 मार्च 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 मार्च 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 मार्च 2025चैत्र अमावस्याअमावस्या
2 अप्रैल 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
8 अप्रैल 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
10 अप्रैल 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
13 अप्रैल 2025चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
14 अप्रैल 2025मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
17 अप्रैल 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
21 अप्रैल 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2094° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।