26 फ़रवरी 2026 को मेलबर्न का पंचांग

गुरुवार, 26 फ़रवरी 2026, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

गुरुवार, 26 फ़रवरी 2026 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (08:11 तक), नक्षत्र मृगशिरा (17:41 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 07:01 पर और सूर्यास्त 20:04 पर है। राहुकाल 15:10 से 16:48 तक है।

दिन और रात
दिन 07:01 – 20:04
रात 07:02 तक
तिथि
दशमी, 06:03 तक
नक्षत्र
मृगशिरा, 17:41 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल नवमी 08:11 तक
शुक्ल दशमी 06:03, 27 फ़र॰ तक
शुक्ल एकादशी 04:03, 28 फ़र॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 16:19, 27 फ़र॰ तक
योग
प्रीति 04:03, 27 फ़र॰ तक
आयुष्मान 01:13, 28 फ़र॰ तक
करण
कौलव 08:11 तक
तैतिल 19:07 तक
गर 06:03, 27 फ़र॰ तक
वणिज 17:02, 27 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:01
सूर्यास्त
20:04
चंद्रोदय
16:36
चंद्रास्त
00:37
दिनमान
13h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:33 – 06:17
अभिजीत मुहूर्त
13:06 – 13:58

अशुभ समय

राहुकाल
15:10 – 16:48
यमगंड
07:01 – 08:38
गुलिक काल
10:16 – 11:54

26 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:01 – 08:38शुभ
रोग08:38 – 10:16टालें
उद्वेग10:16 – 11:54टालें
चर11:54 – 13:32सामान्य
लाभ13:32 – 15:10शुभ
अमृत15:10 – 16:48शुभ
काल16:48 – 18:26टालें
शुभ18:26 – 20:04शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत20:04 – 21:26शुभ
चर21:26 – 22:48सामान्य
रोग22:48 – 00:11टालें
काल00:11 – 01:33टालें
लाभ01:33 – 02:55शुभ
उद्वेग02:55 – 04:17टालें
शुभ04:17 – 05:39शुभ
अमृत05:39 – 07:02शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:0108:06दिन
मंगल08:0609:11दिन
सूर्य09:1110:16दिन
शुक्र10:1611:22दिन
बुध11:2212:27दिन
चंद्र12:2713:32दिन
शनि13:3214:38दिन
गुरु14:3815:43दिन
मंगल15:4316:48दिन
सूर्य16:4817:53दिन
शुक्र17:5318:59दिन
बुध18:5920:04दिन
चंद्र20:0420:59रात
शनि20:5921:54रात
गुरु21:5422:48रात
मंगल22:4823:43रात
सूर्य23:4300:38रात
शुक्र00:3801:33रात
बुध01:3302:28रात
चंद्र02:2803:22रात
शनि03:2204:17रात
गुरु04:1705:12रात
मंगल05:1206:07रात
सूर्य06:0707:02रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
27 फ़र॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
1 मार्च 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 मार्च 2026फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
7 मार्च 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
12 मार्च 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
15 मार्च 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
15 मार्च 2026मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
17 मार्च 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
19 मार्च 2026चैत्र अमावस्याअमावस्या
22 मार्च 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2224° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।