14 मार्च 2026 को मेलबर्न का पंचांग

शनिवार, 14 मार्च 2026, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

शनिवार, 14 मार्च 2026 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (13:41 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (08:33 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 07:16 पर और सूर्यास्त 19:41 पर है। राहुकाल 10:23 से 11:56 तक है।

दिन और रात
दिन 07:16 – 19:41
रात 07:17 तक
तिथि
दशमी, 13:41 तक
एकादशी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 मार्च 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण दशमी 13:41 तक
कृष्ण एकादशी 14:47, 15 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 10:19, 15 मार्च तक
योग
वरीयान 16:12 तक
परिघअशुभ 15:55, 15 मार्च तक
करण
विष्टि (भद्रा) 13:41 तक
बव 02:19, 15 मार्च तक
बालव 14:47, 15 मार्च तक
चंद्र राशि
धनु 15:03 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:16
सूर्यास्त
19:41
चंद्रोदय
01:42
चंद्रास्त
17:07
दिनमान
12h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:44 – 06:30
अभिजीत मुहूर्त
13:04 – 13:53

अशुभ समय

राहुकाल
10:23 – 11:56
यमगंड
15:02 – 16:35
गुलिक काल
07:16 – 08:49

14 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:16 – 08:49टालें
शुभ08:49 – 10:23शुभ
रोग10:23 – 11:56टालें
उद्वेग11:56 – 13:29टालें
चर13:29 – 15:02सामान्य
लाभ15:02 – 16:35शुभ
अमृत16:35 – 18:08शुभ
काल18:08 – 19:41टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ19:41 – 21:08शुभ
उद्वेग21:08 – 22:35टालें
शुभ22:35 – 00:02शुभ
अमृत00:02 – 01:29शुभ
चर01:29 – 02:56सामान्य
रोग02:56 – 04:23टालें
काल04:23 – 05:50टालें
लाभ05:50 – 07:17शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:1608:18दिन
गुरु08:1809:20दिन
मंगल09:2010:23दिन
सूर्य10:2311:25दिन
शुक्र11:2512:27दिन
बुध12:2713:29दिन
चंद्र13:2914:31दिन
शनि14:3115:33दिन
गुरु15:3316:35दिन
मंगल16:3517:37दिन
सूर्य17:3718:39दिन
शुक्र18:3919:41दिन
बुध19:4120:39रात
चंद्र20:3921:37रात
शनि21:3722:35रात
गुरु22:3523:33रात
मंगल23:3300:31रात
सूर्य00:3101:29रात
शुक्र01:2902:27रात
बुध02:2703:25रात
चंद्र03:2504:23रात
शनि04:2305:21रात
गुरु05:2106:19रात
मंगल06:1907:17रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
15 मार्च 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
15 मार्च 2026मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
17 मार्च 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
19 मार्च 2026चैत्र अमावस्याअमावस्या
22 मार्च 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
29 मार्च 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
31 मार्च 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
2 अप्रैल 2026चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
6 अप्रैल 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
10 अप्रैल 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2230° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।