25 जनवरी 2028 को मेलबर्न का पंचांग

मंगलवार, 25 जनवरी 2028, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

मंगलवार, 25 जनवरी 2028 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (23:47 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (19:29 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:24 पर और सूर्यास्त 20:39 पर है। राहुकाल 17:05 से 18:52 तक है।

दिन और रात
दिन 06:24 – 20:39
रात 06:26 तक
तिथि
चतुर्दशी, 23:47 तक
अमावस्या
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 19:29 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 जनवरी 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 23:47 तक
अमावस्या 02:12, 27 जन॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 22:18, 26 जन॰ तक
योग
हर्षण 18:20 तक
वज्रअशुभ 19:01, 26 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 10:40 तक
शकुनि 23:47 तक
चतुष्पद 12:58, 26 जन॰ तक
चंद्र राशि
धनु 02:10, 26 जन॰ तक
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:24
सूर्यास्त
20:39
चंद्रोदय
04:43
चंद्रास्त
19:50
दिनमान
14h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:06 – 05:45
अभिजीत मुहूर्त
13:03 – 14:00

अशुभ समय

राहुकाल
17:05 – 18:52
यमगंड
09:58 – 11:45
गुलिक काल
13:31 – 15:18

25 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:24 – 08:11टालें
उद्वेग08:11 – 09:58टालें
चर09:58 – 11:45सामान्य
लाभ11:45 – 13:31शुभ
अमृत13:31 – 15:18शुभ
काल15:18 – 17:05टालें
शुभ17:05 – 18:52शुभ
रोग18:52 – 20:39टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल20:39 – 21:52टालें
लाभ21:52 – 23:05शुभ
उद्वेग23:05 – 00:19टालें
शुभ00:19 – 01:32शुभ
अमृत01:32 – 02:45शुभ
चर02:45 – 03:59सामान्य
रोग03:59 – 05:12टालें
काल05:12 – 06:26टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:2407:36दिन
सूर्य07:3608:47दिन
शुक्र08:4709:58दिन
बुध09:5811:09दिन
चंद्र11:0912:20दिन
शनि12:2013:31दिन
गुरु13:3114:43दिन
मंगल14:4315:54दिन
सूर्य15:5417:05दिन
शुक्र17:0518:16दिन
बुध18:1619:27दिन
चंद्र19:2720:39दिन
शनि20:3921:27रात
गुरु21:2722:16रात
मंगल22:1623:05रात
सूर्य23:0523:54रात
शुक्र23:5400:43रात
बुध00:4301:32रात
चंद्र01:3202:21रात
शनि02:2103:10रात
गुरु03:1003:59रात
मंगल03:5904:48रात
सूर्य04:4805:37रात
शुक्र05:3706:26रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
26 जन॰ 2028माघ अमावस्याअमावस्या
31 जन॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
7 फ़र॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
9 फ़र॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
10 फ़र॰ 2028माघ पूर्णिमापूर्णिमा
13 फ़र॰ 2028कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
14 फ़र॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
18 फ़र॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
21 फ़र॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
23 फ़र॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2491° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।