1 फ़रवरी 2028 को मेलबर्न का पंचांग

मंगलवार, 1 फ़रवरी 2028, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

मंगलवार, 1 फ़रवरी 2028 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (14:58 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (13:12 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:32 पर और सूर्यास्त 20:33 पर है। राहुकाल 17:03 से 18:48 तक है।

दिन और रात
दिन 06:32 – 20:33
रात 06:33 तक
तिथि
पंचमी, 14:58 तक
षष्ठी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 13:12 तक
रेवती
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 फ़रवरी 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 14:58 तक
शुक्ल षष्ठी 16:43, 2 फ़र॰ तक
नक्षत्र
रेवती 15:28, 2 फ़र॰ तक
योग
सिद्ध 23:54 तक
साध्य 23:59, 2 फ़र॰ तक
करण
बालव 14:58 तक
कौलव 03:54, 2 फ़र॰ तक
तैतिल 16:43, 2 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:32
सूर्यास्त
20:33
चंद्रोदय
11:33
चंद्रास्त
22:50
दिनमान
14h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:13 – 05:52
अभिजीत मुहूर्त
13:05 – 14:01

अशुभ समय

राहुकाल
17:03 – 18:48
यमगंड
10:03 – 11:48
गुलिक काल
13:33 – 15:18

1 फ़रवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:32 – 08:17टालें
उद्वेग08:17 – 10:03टालें
चर10:03 – 11:48सामान्य
लाभ11:48 – 13:33शुभ
अमृत13:33 – 15:18शुभ
काल15:18 – 17:03टालें
शुभ17:03 – 18:48शुभ
रोग18:48 – 20:33टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल20:33 – 21:48टालें
लाभ21:48 – 23:03शुभ
उद्वेग23:03 – 00:18टालें
शुभ00:18 – 01:33शुभ
अमृत01:33 – 02:48शुभ
चर02:48 – 04:03सामान्य
रोग04:03 – 05:18टालें
काल05:18 – 06:33टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:3207:42दिन
सूर्य07:4208:52दिन
शुक्र08:5210:03दिन
बुध10:0311:13दिन
चंद्र11:1312:23दिन
शनि12:2313:33दिन
गुरु13:3314:43दिन
मंगल14:4315:53दिन
सूर्य15:5317:03दिन
शुक्र17:0318:13दिन
बुध18:1319:23दिन
चंद्र19:2320:33दिन
शनि20:3321:23रात
गुरु21:2322:13रात
मंगल22:1323:03रात
सूर्य23:0323:53रात
शुक्र23:5300:43रात
बुध00:4301:33रात
चंद्र01:3302:23रात
शनि02:2303:13रात
गुरु03:1304:03रात
मंगल04:0304:53रात
सूर्य04:5305:43रात
शुक्र05:4306:33रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
7 फ़र॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
9 फ़र॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
10 फ़र॰ 2028माघ पूर्णिमापूर्णिमा
13 फ़र॰ 2028कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
14 फ़र॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
18 फ़र॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
21 फ़र॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
23 फ़र॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
25 फ़र॰ 2028फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
29 फ़र॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2494° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।