7 फ़रवरी 2028 को मेलबर्न का पंचांग

सोमवार, 7 फ़रवरी 2028, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

सोमवार, 7 फ़रवरी 2028 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (14:55 तक), नक्षत्र मृगशिरा (16:39 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:39 पर और सूर्यास्त 20:28 पर है। राहुकाल 08:23 से 10:06 तक है।

दिन और रात
दिन 06:39 – 20:28
रात 06:40 तक
तिथि
एकादशी, 14:55 तक
द्वादशी
नक्षत्र
मृगशिरा, 16:39 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 फ़रवरी 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 14:55 तक
शुक्ल द्वादशी 12:22, 8 फ़र॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 14:45, 8 फ़र॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 16:04 तक
विष्कंभअशुभ 12:45, 8 फ़र॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 14:55 तक
बव 01:43, 8 फ़र॰ तक
बालव 12:22, 8 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:39
सूर्यास्त
20:28
चंद्रोदय
17:50
चंद्रास्त
02:08
दिनमान
13h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:18 – 05:58
अभिजीत मुहूर्त
13:06 – 14:01

अशुभ समय

राहुकाल
08:23 – 10:06
यमगंड
11:50 – 13:33
गुलिक काल
15:17 – 17:00

7 फ़रवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:39 – 08:23शुभ
काल08:23 – 10:06टालें
शुभ10:06 – 11:50शुभ
रोग11:50 – 13:33टालें
उद्वेग13:33 – 15:17टालें
चर15:17 – 17:00सामान्य
लाभ17:00 – 18:44शुभ
अमृत18:44 – 20:28शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर20:28 – 21:44सामान्य
रोग21:44 – 23:01टालें
काल23:01 – 00:17टालें
लाभ00:17 – 01:34शुभ
उद्वेग01:34 – 02:51टालें
शुभ02:51 – 04:07शुभ
अमृत04:07 – 05:24शुभ
चर05:24 – 06:40सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3907:48दिन
शनि07:4808:57दिन
गुरु08:5710:06दिन
मंगल10:0611:15दिन
सूर्य11:1512:24दिन
शुक्र12:2413:33दिन
बुध13:3314:42दिन
चंद्र14:4215:51दिन
शनि15:5117:00दिन
गुरु17:0018:10दिन
मंगल18:1019:19दिन
सूर्य19:1920:28दिन
शुक्र20:2821:19रात
बुध21:1922:10रात
चंद्र22:1023:01रात
शनि23:0123:52रात
गुरु23:5200:43रात
मंगल00:4301:34रात
सूर्य01:3402:25रात
शुक्र02:2503:16रात
बुध03:1604:07रात
चंद्र04:0704:58रात
शनि04:5805:49रात
गुरु05:4906:40रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
7 फ़र॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
9 फ़र॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
10 फ़र॰ 2028माघ पूर्णिमापूर्णिमा
13 फ़र॰ 2028कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
14 फ़र॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
18 फ़र॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
21 फ़र॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
23 फ़र॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
25 फ़र॰ 2028फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
29 फ़र॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
7 मार्च 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2496° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।