30 मार्च 2028 को मेलबर्न का पंचांग

गुरुवार, 30 मार्च 2028, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

गुरुवार, 30 मार्च 2028 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (20:00 तक), नक्षत्र कृत्तिका (07:18, 31 मार्च तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 07:32 पर और सूर्यास्त 19:16 पर है। राहुकाल 14:52 से 16:20 तक है।

दिन और रात
दिन 07:32 – 19:16
रात 07:33 तक
तिथि
चतुर्थी, 20:00 तक
पंचमी
नक्षत्र
कृत्तिका, 07:18 तक
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 मार्च 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 20:00 तक
शुक्ल पंचमी 20:05, 31 मार्च तक
नक्षत्र
कृत्तिका 07:18, 31 मार्च तक
रोहिणी 07:49, 1 अप्रैल तक
योग
विष्कंभअशुभ 08:37 तक
प्रीति 07:46, 31 मार्च तक
करण
वणिज 07:47 तक
विष्टि (भद्रा) 20:00 तक
बव 08:06, 31 मार्च तक
चंद्र राशि
मेष 12:37 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:32
सूर्यास्त
19:16
चंद्रोदय
11:26
चंद्रास्त
21:06
दिनमान
11h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:54 – 06:43
अभिजीत मुहूर्त
13:00 – 13:47

अशुभ समय

राहुकाल
14:52 – 16:20
यमगंड
07:32 – 09:00
गुलिक काल
10:28 – 11:56

30 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:32 – 09:00शुभ
रोग09:00 – 10:28टालें
उद्वेग10:28 – 11:56टालें
चर11:56 – 13:24सामान्य
लाभ13:24 – 14:52शुभ
अमृत14:52 – 16:20शुभ
काल16:20 – 17:48टालें
शुभ17:48 – 19:16शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:16 – 20:48शुभ
चर20:48 – 22:20सामान्य
रोग22:20 – 23:52टालें
काल23:52 – 01:24टालें
लाभ01:24 – 02:56शुभ
उद्वेग02:56 – 04:28टालें
शुभ04:28 – 06:01शुभ
अमृत06:01 – 07:33शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:3208:30दिन
मंगल08:3009:29दिन
सूर्य09:2910:28दिन
शुक्र10:2811:26दिन
बुध11:2612:25दिन
चंद्र12:2513:24दिन
शनि13:2414:22दिन
गुरु14:2215:21दिन
मंगल15:2116:20दिन
सूर्य16:2017:18दिन
शुक्र17:1818:17दिन
बुध18:1719:16दिन
चंद्र19:1620:17रात
शनि20:1721:19रात
गुरु21:1922:20रात
मंगल22:2023:21रात
सूर्य23:2100:23रात
शुक्र00:2301:24रात
बुध01:2402:26रात
चंद्र02:2603:27रात
शनि03:2704:28रात
गुरु04:2805:30रात
मंगल05:3006:31रात
सूर्य06:3107:33रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
30 मार्च 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
6 अप्रैल 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
7 अप्रैल 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
9 अप्रैल 2028चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
13 अप्रैल 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
14 अप्रैल 2028मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
17 अप्रैल 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
20 अप्रैल 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
22 अप्रैल 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
24 अप्रैल 2028वैशाख अमावस्याअमावस्या
28 अप्रैल 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2516° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।