6 अक्टूबर 2028 को मेलबर्न का पंचांग

शुक्रवार, 6 अक्टूबर 2028, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

शुक्रवार, 6 अक्टूबर 2028 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (07:28 तक), नक्षत्र अश्विनी (08:24 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:47 पर और सूर्यास्त 19:29 पर है। राहुकाल 11:33 से 13:08 तक है।

दिन और रात
दिन 06:47 – 19:29
रात 06:46 तक
तिथि
तृतीया
नक्षत्र
भरणी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 07:28 तक
कृष्ण तृतीया 09:05, 7 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
भरणी 10:33, 7 अक्टू॰ तक
योग
हर्षण 16:29 तक
वज्रअशुभ 16:37, 7 अक्टू॰ तक
करण
गर 07:28 तक
वणिज 20:19 तक
विष्टि (भद्रा) 09:05, 7 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:47
सूर्यास्त
19:29
चंद्रोदय
22:08
चंद्रास्त
07:32
दिनमान
12h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:17 – 06:02
अभिजीत मुहूर्त
12:43 – 13:33

अशुभ समय

राहुकाल
11:33 – 13:08
यमगंड
16:18 – 17:53
गुलिक काल
08:23 – 09:58

6 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:47 – 08:23सामान्य
लाभ08:23 – 09:58शुभ
अमृत09:58 – 11:33शुभ
काल11:33 – 13:08टालें
शुभ13:08 – 14:43शुभ
रोग14:43 – 16:18टालें
उद्वेग16:18 – 17:53टालें
चर17:53 – 19:29सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:29 – 20:53टालें
काल20:53 – 22:18टालें
लाभ22:18 – 23:43शुभ
उद्वेग23:43 – 01:07टालें
शुभ01:07 – 02:32शुभ
अमृत02:32 – 03:57शुभ
चर03:57 – 05:21सामान्य
रोग05:21 – 06:46टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:4707:51दिन
बुध07:5108:54दिन
चंद्र08:5409:58दिन
शनि09:5811:01दिन
गुरु11:0112:05दिन
मंगल12:0513:08दिन
सूर्य13:0814:11दिन
शुक्र14:1115:15दिन
बुध15:1516:18दिन
चंद्र16:1817:22दिन
शनि17:2218:25दिन
गुरु18:2519:29दिन
मंगल19:2920:25रात
सूर्य20:2521:22रात
शुक्र21:2222:18रात
बुध22:1823:14रात
चंद्र23:1400:11रात
शनि00:1101:07रात
गुरु01:0702:04रात
मंगल02:0403:00रात
सूर्य03:0003:57रात
शुक्र03:5704:53रात
बुध04:5305:50रात
चंद्र05:5006:46रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
8 अक्टू॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
12 अक्टू॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 अक्टू॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 अक्टू॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
17 अक्टू॰ 2028तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
18 अक्टू॰ 2028कार्तिक अमावस्याअमावस्या
21 अक्टू॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
29 अक्टू॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
31 अक्टू॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
2 नव॰ 2028कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2589° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।