16 अक्टूबर 2028 को मेलबर्न का पंचांग

सोमवार, 16 अक्टूबर 2028, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

सोमवार, 16 अक्टूबर 2028 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (21:15 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (07:29 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:33 पर और सूर्यास्त 19:38 पर है। राहुकाल 08:11 से 09:49 तक है।

दिन और रात
दिन 06:33 – 19:38
रात 06:32 तक
तिथि
त्रयोदशी, 21:15 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 04:41 तक
हस्त
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 21:15 तक
कृष्ण चतुर्दशी 17:35, 17 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 04:41, 17 अक्टू॰ तक
हस्त 01:46, 18 अक्टू॰ तक
योग
ब्रह्म 19:19 तक
इंद्र 15:08, 17 अक्टू॰ तक
करण
गर 11:03 तक
वणिज 21:15 तक
विष्टि (भद्रा) 07:26, 17 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 12:48 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:33
सूर्यास्त
19:38
चंद्रोदय
04:56
चंद्रास्त
17:30
दिनमान
13h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:05 – 05:49
अभिजीत मुहूर्त
12:39 – 13:32

अशुभ समय

राहुकाल
08:11 – 09:49
यमगंड
11:27 – 13:06
गुलिक काल
14:44 – 16:22

16 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:33 – 08:11शुभ
काल08:11 – 09:49टालें
शुभ09:49 – 11:27शुभ
रोग11:27 – 13:06टालें
उद्वेग13:06 – 14:44टालें
चर14:44 – 16:22सामान्य
लाभ16:22 – 18:00शुभ
अमृत18:00 – 19:38शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:38 – 21:00सामान्य
रोग21:00 – 22:21टालें
काल22:21 – 23:43टालें
लाभ23:43 – 01:05शुभ
उद्वेग01:05 – 02:26टालें
शुभ02:26 – 03:48शुभ
अमृत03:48 – 05:10शुभ
चर05:10 – 06:32सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3307:38दिन
शनि07:3808:44दिन
गुरु08:4409:49दिन
मंगल09:4910:55दिन
सूर्य10:5512:00दिन
शुक्र12:0013:06दिन
बुध13:0614:11दिन
चंद्र14:1115:16दिन
शनि15:1616:22दिन
गुरु16:2217:27दिन
मंगल17:2718:33दिन
सूर्य18:3319:38दिन
शुक्र19:3820:33रात
बुध20:3321:27रात
चंद्र21:2722:21रात
शनि22:2123:16रात
गुरु23:1600:10रात
मंगल00:1001:05रात
सूर्य01:0501:59रात
शुक्र01:5902:54रात
बुध02:5403:48रात
चंद्र03:4804:43रात
शनि04:4305:37रात
गुरु05:3706:32रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
16 अक्टू॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
17 अक्टू॰ 2028तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
18 अक्टू॰ 2028कार्तिक अमावस्याअमावस्या
21 अक्टू॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
29 अक्टू॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
31 अक्टू॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
2 नव॰ 2028कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
6 नव॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
10 नव॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
13 नव॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2592° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।