24 अक्टूबर 2028 को मेलबर्न का पंचांग

मंगलवार, 24 अक्टूबर 2028, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

मंगलवार, 24 अक्टूबर 2028 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (03:11, 25 अक्टू॰ तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (17:52 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:22 पर और सूर्यास्त 19:46 पर है। राहुकाल 16:25 से 18:06 तक है।

दिन और रात
दिन 06:22 – 19:46
रात 06:21 तक
तिथि
सप्तमी, 03:11 तक
अष्टमी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 17:52 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 03:11, 25 अक्टू॰ तक
शुक्ल अष्टमी 04:44, 26 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 19:42, 25 अक्टू॰ तक
योग
सुकर्मा 17:02 तक
धृति 16:55, 25 अक्टू॰ तक
करण
गर 14:41 तक
वणिज 03:11, 25 अक्टू॰ तक
विष्टि (भद्रा) 15:53, 25 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
धनु 00:15, 25 अक्टू॰ तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:22
सूर्यास्त
19:46
चंद्रोदय
11:10
चंद्रास्त
01:20
दिनमान
13h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:57 – 05:40
अभिजीत मुहूर्त
12:37 – 13:31

अशुभ समय

राहुकाल
16:25 – 18:06
यमगंड
09:43 – 11:24
गुलिक काल
13:04 – 14:45

24 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:22 – 08:03टालें
उद्वेग08:03 – 09:43टालें
चर09:43 – 11:24सामान्य
लाभ11:24 – 13:04शुभ
अमृत13:04 – 14:45शुभ
काल14:45 – 16:25टालें
शुभ16:25 – 18:06शुभ
रोग18:06 – 19:46टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:46 – 21:05टालें
लाभ21:05 – 22:25शुभ
उद्वेग22:25 – 23:44टालें
शुभ23:44 – 01:04शुभ
अमृत01:04 – 02:23शुभ
चर02:23 – 03:42सामान्य
रोग03:42 – 05:02टालें
काल05:02 – 06:21टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:2207:29दिन
सूर्य07:2908:36दिन
शुक्र08:3609:43दिन
बुध09:4310:50दिन
चंद्र10:5011:57दिन
शनि11:5713:04दिन
गुरु13:0414:11दिन
मंगल14:1115:18दिन
सूर्य15:1816:25दिन
शुक्र16:2517:32दिन
बुध17:3218:39दिन
चंद्र18:3919:46दिन
शनि19:4620:39रात
गुरु20:3921:32रात
मंगल21:3222:25रात
सूर्य22:2523:18रात
शुक्र23:1800:11रात
बुध00:1101:04रात
चंद्र01:0401:56रात
शनि01:5602:49रात
गुरु02:4903:42रात
मंगल03:4204:35रात
सूर्य04:3505:28रात
शुक्र05:2806:21रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
29 अक्टू॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
31 अक्टू॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
2 नव॰ 2028कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
6 नव॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
10 नव॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
13 नव॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
15 नव॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
16 नव॰ 2028मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
16 नव॰ 2028वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
20 नव॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2595° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।