28 अक्टूबर 2028 को मेलबर्न का पंचांग

शनिवार, 28 अक्टूबर 2028, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

शनिवार, 28 अक्टूबर 2028 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (09:17 तक), नक्षत्र शतभिषा (04:00, 29 अक्टू॰ तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:17 पर और सूर्यास्त 19:50 पर है। राहुकाल 09:40 से 11:22 तक है।

दिन और रात
दिन 06:17 – 19:50
रात 06:16 तक
तिथि
दशमी, 09:17 तक
एकादशी
नक्षत्र
शतभिषा, 04:00 तक
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल दशमी 09:17 तक
शुक्ल एकादशी 11:51, 29 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 04:00, 29 अक्टू॰ तक
पूर्वा भाद्रपद 07:00, 30 अक्टू॰ तक
योग
वृद्धि 18:53 तक
ध्रुव 19:48, 29 अक्टू॰ तक
करण
गर 09:17 तक
वणिज 22:34 तक
विष्टि (भद्रा) 11:51, 29 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:17
सूर्यास्त
19:50
चंद्रोदय
15:09
चंद्रास्त
03:27
दिनमान
13h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:54 – 05:35
अभिजीत मुहूर्त
12:37 – 13:31

अशुभ समय

राहुकाल
09:40 – 11:22
यमगंड
14:45 – 16:27
गुलिक काल
06:17 – 07:59

28 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:17 – 07:59टालें
शुभ07:59 – 09:40शुभ
रोग09:40 – 11:22टालें
उद्वेग11:22 – 13:04टालें
चर13:04 – 14:45सामान्य
लाभ14:45 – 16:27शुभ
अमृत16:27 – 18:09शुभ
काल18:09 – 19:50टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ19:50 – 21:08शुभ
उद्वेग21:08 – 22:27टालें
शुभ22:27 – 23:45शुभ
अमृत23:45 – 01:03शुभ
चर01:03 – 02:21सामान्य
रोग02:21 – 03:40टालें
काल03:40 – 04:58टालें
लाभ04:58 – 06:16शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:1707:25दिन
गुरु07:2508:33दिन
मंगल08:3309:40दिन
सूर्य09:4010:48दिन
शुक्र10:4811:56दिन
बुध11:5613:04दिन
चंद्र13:0414:12दिन
शनि14:1215:19दिन
गुरु15:1916:27दिन
मंगल16:2717:35दिन
सूर्य17:3518:43दिन
शुक्र18:4319:50दिन
बुध19:5020:42रात
चंद्र20:4221:35रात
शनि21:3522:27रात
गुरु22:2723:19रात
मंगल23:1900:11रात
सूर्य00:1101:03रात
शुक्र01:0301:55रात
बुध01:5502:47रात
चंद्र02:4703:40रात
शनि03:4004:32रात
गुरु04:3205:24रात
मंगल05:2406:16रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
29 अक्टू॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
31 अक्टू॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
2 नव॰ 2028कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
6 नव॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
10 नव॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
13 नव॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
15 नव॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
16 नव॰ 2028मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
16 नव॰ 2028वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
20 नव॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2597° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।