31 अक्टूबर 2028 को मेलबर्न का पंचांग

मंगलवार, 31 अक्टूबर 2028, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

मंगलवार, 31 अक्टूबर 2028 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (16:38 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (09:50 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:14 पर और सूर्यास्त 19:53 पर है। राहुकाल 16:28 से 18:11 तक है।

दिन और रात
दिन 06:14 – 19:53
रात 06:13 तक
तिथि
त्रयोदशी, 16:38 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
रेवती
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 16:38 तक
शुक्ल चतुर्दशी 18:38, 1 नव॰ तक
नक्षत्र
रेवती 12:24, 1 नव॰ तक
योग
हर्षण 21:18 तक
वज्रअशुभ 21:44, 1 नव॰ तक
करण
तैतिल 16:38 तक
गर 05:41, 1 नव॰ तक
वणिज 18:38, 1 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:14
सूर्यास्त
19:53
चंद्रोदय
18:00
चंद्रास्त
04:39
दिनमान
13h 40m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:51 – 05:32
अभिजीत मुहूर्त
12:36 – 13:31

अशुभ समय

राहुकाल
16:28 – 18:11
यमगंड
09:39 – 11:21
गुलिक काल
13:04 – 14:46

31 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:14 – 07:56टालें
उद्वेग07:56 – 09:39टालें
चर09:39 – 11:21सामान्य
लाभ11:21 – 13:04शुभ
अमृत13:04 – 14:46शुभ
काल14:46 – 16:28टालें
शुभ16:28 – 18:11शुभ
रोग18:11 – 19:53टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:53 – 21:11टालें
लाभ21:11 – 22:28शुभ
उद्वेग22:28 – 23:46टालें
शुभ23:46 – 01:03शुभ
अमृत01:03 – 02:20शुभ
चर02:20 – 03:38सामान्य
रोग03:38 – 04:55टालें
काल04:55 – 06:13टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:1407:22दिन
सूर्य07:2208:30दिन
शुक्र08:3009:39दिन
बुध09:3910:47दिन
चंद्र10:4711:55दिन
शनि11:5513:04दिन
गुरु13:0414:12दिन
मंगल14:1215:20दिन
सूर्य15:2016:28दिन
शुक्र16:2817:37दिन
बुध17:3718:45दिन
चंद्र18:4519:53दिन
शनि19:5320:45रात
गुरु20:4521:37रात
मंगल21:3722:28रात
सूर्य22:2823:20रात
शुक्र23:2000:11रात
बुध00:1101:03रात
चंद्र01:0301:55रात
शनि01:5502:46रात
गुरु02:4603:38रात
मंगल03:3804:29रात
सूर्य04:2905:21रात
शुक्र05:2106:13रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
31 अक्टू॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
2 नव॰ 2028कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
6 नव॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
10 नव॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
13 नव॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
15 नव॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
16 नव॰ 2028मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
16 नव॰ 2028वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
20 नव॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
27 नव॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2598° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।