20 फ़रवरी 2029 को मेलबर्न का पंचांग

मंगलवार, 20 फ़रवरी 2029, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

मंगलवार, 20 फ़रवरी 2029 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (11:17 तक), नक्षत्र भरणी (01:50, 21 फ़र॰ तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:54 पर और सूर्यास्त 20:12 पर है। राहुकाल 16:52 से 18:32 तक है।

दिन और रात
दिन 06:54 – 20:12
रात 06:56 तक
तिथि
षष्ठी, 11:17 तक
सप्तमी
नक्षत्र
भरणी, 01:50 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 फ़रवरी 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 11:17 तक
शुक्ल सप्तमी 13:20, 21 फ़र॰ तक
नक्षत्र
भरणी 01:50, 21 फ़र॰ तक
कृत्तिका 04:05, 22 फ़र॰ तक
योग
ब्रह्म 23:25 तक
इंद्र 23:43, 21 फ़र॰ तक
करण
तैतिल 11:17 तक
गर 00:22, 21 फ़र॰ तक
वणिज 13:20, 21 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:54
सूर्यास्त
20:12
चंद्रोदय
13:09
चंद्रास्त
23:09
दिनमान
13h 17m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:29 – 06:12
अभिजीत मुहूर्त
13:06 – 14:00

अशुभ समय

राहुकाल
16:52 – 18:32
यमगंड
10:14 – 11:53
गुलिक काल
13:33 – 15:13

20 फ़रवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:54 – 08:34टालें
उद्वेग08:34 – 10:14टालें
चर10:14 – 11:53सामान्य
लाभ11:53 – 13:33शुभ
अमृत13:33 – 15:13शुभ
काल15:13 – 16:52टालें
शुभ16:52 – 18:32शुभ
रोग18:32 – 20:12टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल20:12 – 21:32टालें
लाभ21:32 – 22:53शुभ
उद्वेग22:53 – 00:13टालें
शुभ00:13 – 01:34शुभ
अमृत01:34 – 02:54शुभ
चर02:54 – 04:15सामान्य
रोग04:15 – 05:35टालें
काल05:35 – 06:56टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:5408:01दिन
सूर्य08:0109:07दिन
शुक्र09:0710:14दिन
बुध10:1411:20दिन
चंद्र11:2012:27दिन
शनि12:2713:33दिन
गुरु13:3314:39दिन
मंगल14:3915:46दिन
सूर्य15:4616:52दिन
शुक्र16:5217:59दिन
बुध17:5919:05दिन
चंद्र19:0520:12दिन
शनि20:1221:05रात
गुरु21:0521:59रात
मंगल21:5922:53रात
सूर्य22:5323:46रात
शुक्र23:4600:40रात
बुध00:4001:34रात
चंद्र01:3402:27रात
शनि02:2703:21रात
गुरु03:2104:15रात
मंगल04:1505:08रात
सूर्य05:0806:02रात
शुक्र06:0206:56रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
25 फ़र॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
27 फ़र॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
28 फ़र॰ 2029फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
4 मार्च 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
7 मार्च 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
10 मार्च 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
13 मार्च 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
15 मार्च 2029चैत्र अमावस्याअमावस्या
15 मार्च 2029मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
19 मार्च 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2641° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।