28 फ़रवरी 2029 को मेलबर्न का पंचांग

बुधवार, 28 फ़रवरी 2029, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

बुधवार, 28 फ़रवरी 2029 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (07:35 तक), नक्षत्र मघा (23:43 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 07:03 पर और सूर्यास्त 20:01 पर है। राहुकाल 13:32 से 15:09 तक है।

दिन और रात
दिन 07:03 – 20:01
रात 07:04 तक
तिथि
पूर्णिमा, 04:10 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
मघा, 23:43 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 फ़रवरी 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 07:35 तक
पूर्णिमा 04:10, 1 मार्च तक
कृष्ण प्रतिपदा 00:31, 2 मार्च तक
नक्षत्र
मघा 23:43 तक
पूर्वा फाल्गुनी 20:51, 1 मार्च तक
योग
अतिगंडअशुभ 09:47 तक
सुकर्मा 05:46, 1 मार्च तक
धृति 01:33, 2 मार्च तक
करण
वणिज 07:35 तक
विष्टि (भद्रा) 17:55 तक
बव 04:10, 1 मार्च तक
बालव 14:21, 1 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:03
सूर्यास्त
20:01
चंद्रोदय
19:26
चंद्रास्त
06:09
दिनमान
12h 58m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:35 – 06:19
अभिजीत मुहूर्त
13:06 – 13:58 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
13:32 – 15:09
यमगंड
08:40 – 10:17
गुलिक काल
11:55 – 13:32

28 फ़रवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:03 – 08:40शुभ
अमृत08:40 – 10:17शुभ
काल10:17 – 11:55टालें
शुभ11:55 – 13:32शुभ
रोग13:32 – 15:09टालें
उद्वेग15:09 – 16:46टालें
चर16:46 – 18:24सामान्य
लाभ18:24 – 20:01शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग20:01 – 21:24टालें
शुभ21:24 – 22:47शुभ
अमृत22:47 – 00:09शुभ
चर00:09 – 01:32सामान्य
रोग01:32 – 02:55टालें
काल02:55 – 04:18टालें
लाभ04:18 – 05:41शुभ
उद्वेग05:41 – 07:04टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:0308:08दिन
चंद्र08:0809:13दिन
शनि09:1310:17दिन
गुरु10:1711:22दिन
मंगल11:2212:27दिन
सूर्य12:2713:32दिन
शुक्र13:3214:37दिन
बुध14:3715:41दिन
चंद्र15:4116:46दिन
शनि16:4617:51दिन
गुरु17:5118:56दिन
मंगल18:5620:01दिन
सूर्य20:0120:56रात
शुक्र20:5621:51रात
बुध21:5122:47रात
चंद्र22:4723:42रात
शनि23:4200:37रात
गुरु00:3701:32रात
मंगल01:3202:28रात
सूर्य02:2803:23रात
शुक्र03:2304:18रात
बुध04:1805:13रात
चंद्र05:1306:09रात
शनि06:0907:04रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
28 फ़र॰ 2029फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
4 मार्च 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
7 मार्च 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
10 मार्च 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
13 मार्च 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
15 मार्च 2029चैत्र अमावस्याअमावस्या
15 मार्च 2029मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
19 मार्च 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 मार्च 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
28 मार्च 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2644° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।