12 मार्च 2029 को मेलबर्न का पंचांग

सोमवार, 12 मार्च 2029, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

सोमवार, 12 मार्च 2029 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (09:12 तक), नक्षत्र श्रवण (13:06 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 07:15 पर और सूर्यास्त 19:43 पर है। राहुकाल 08:48 से 10:22 तक है।

दिन और रात
दिन 07:15 – 19:43
रात 07:16 तक
तिथि
त्रयोदशी
नक्षत्र
श्रवण, 13:06 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 मार्च 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 09:12 तक
कृष्ण त्रयोदशी 11:00, 13 मार्च तक
नक्षत्र
श्रवण 13:06 तक
धनिष्ठा 15:27, 13 मार्च तक
योग
शिव 23:41 तक
सिद्ध 00:07, 14 मार्च तक
करण
तैतिल 09:12 तक
गर 22:04 तक
वणिज 11:00, 13 मार्च तक
चंद्र राशि
मकर 02:14, 13 मार्च तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:15
सूर्यास्त
19:43
चंद्रोदय
04:15
चंद्रास्त
18:02
दिनमान
12h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:43 – 06:29
अभिजीत मुहूर्त
13:04 – 13:54

अशुभ समय

राहुकाल
08:48 – 10:22
यमगंड
11:56 – 13:29
गुलिक काल
15:03 – 16:36

12 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:15 – 08:48शुभ
काल08:48 – 10:22टालें
शुभ10:22 – 11:56शुभ
रोग11:56 – 13:29टालें
उद्वेग13:29 – 15:03टालें
चर15:03 – 16:36सामान्य
लाभ16:36 – 18:10शुभ
अमृत18:10 – 19:43शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:43 – 21:10सामान्य
रोग21:10 – 22:36टालें
काल22:36 – 00:03टालें
लाभ00:03 – 01:30शुभ
उद्वेग01:30 – 02:56टालें
शुभ02:56 – 04:23शुभ
अमृत04:23 – 05:49शुभ
चर05:49 – 07:16सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:1508:17दिन
शनि08:1709:20दिन
गुरु09:2010:22दिन
मंगल10:2211:24दिन
सूर्य11:2412:27दिन
शुक्र12:2713:29दिन
बुध13:2914:31दिन
चंद्र14:3115:34दिन
शनि15:3416:36दिन
गुरु16:3617:39दिन
मंगल17:3918:41दिन
सूर्य18:4119:43दिन
शुक्र19:4320:41रात
बुध20:4121:39रात
चंद्र21:3922:36रात
शनि22:3623:34रात
गुरु23:3400:32रात
मंगल00:3201:30रात
सूर्य01:3002:27रात
शुक्र02:2703:25रात
बुध03:2504:23रात
चंद्र04:2305:20रात
शनि05:2006:18रात
गुरु06:1807:16रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
13 मार्च 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
15 मार्च 2029चैत्र अमावस्याअमावस्या
15 मार्च 2029मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
19 मार्च 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 मार्च 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
28 मार्च 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
30 मार्च 2029अधिक चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
2 अप्रैल 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
6 अप्रैल 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
9 अप्रैल 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2649° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।