1 नवंबर 2029 को मेलबर्न का पंचांग

गुरुवार, 1 नवंबर 2029, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

गुरुवार, 1 नवंबर 2029 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (09:33 तक), नक्षत्र मघा (04:17, 2 नव॰ तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:13 पर और सूर्यास्त 19:54 पर है। राहुकाल 14:46 से 16:29 तक है।

दिन और रात
दिन 06:13 – 19:54
रात 06:12 तक
तिथि
नवमी, 09:33 तक
दशमी
नक्षत्र
मघा, 04:17 तक
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 नवंबर 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण नवमी 09:33 तक
कृष्ण दशमी 07:52, 2 नव॰ तक
नक्षत्र
मघा 04:17, 2 नव॰ तक
योग
शुक्ल 14:24 तक
ब्रह्म 11:45, 2 नव॰ तक
करण
गर 09:33 तक
वणिज 20:48 तक
विष्टि (भद्रा) 07:52, 2 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:13
सूर्यास्त
19:54
चंद्रोदय
02:46
चंद्रास्त
14:13
दिनमान
13h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:50 – 05:32
अभिजीत मुहूर्त
12:36 – 13:31

अशुभ समय

राहुकाल
14:46 – 16:29
यमगंड
06:13 – 07:56
गुलिक काल
09:38 – 11:21

1 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:13 – 07:56शुभ
रोग07:56 – 09:38टालें
उद्वेग09:38 – 11:21टालें
चर11:21 – 13:04सामान्य
लाभ13:04 – 14:46शुभ
अमृत14:46 – 16:29शुभ
काल16:29 – 18:12टालें
शुभ18:12 – 19:54शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:54 – 21:11शुभ
चर21:11 – 22:29सामान्य
रोग22:29 – 23:46टालें
काल23:46 – 01:03टालें
लाभ01:03 – 02:20शुभ
उद्वेग02:20 – 03:37टालें
शुभ03:37 – 04:55शुभ
अमृत04:55 – 06:12शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1307:21दिन
मंगल07:2108:30दिन
सूर्य08:3009:38दिन
शुक्र09:3810:47दिन
बुध10:4711:55दिन
चंद्र11:5513:04दिन
शनि13:0414:12दिन
गुरु14:1215:20दिन
मंगल15:2016:29दिन
सूर्य16:2917:37दिन
शुक्र17:3718:46दिन
बुध18:4619:54दिन
चंद्र19:5420:46रात
शनि20:4621:37रात
गुरु21:3722:29रात
मंगल22:2923:20रात
सूर्य23:2000:12रात
शुक्र00:1201:03रात
बुध01:0301:54रात
चंद्र01:5402:46रात
शनि02:4603:37रात
गुरु03:3704:29रात
मंगल04:2905:20रात
सूर्य05:2006:12रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
2 नव॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 नव॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 नव॰ 2029कार्तिक अमावस्याअमावस्या
9 नव॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 नव॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
16 नव॰ 2029वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
19 नव॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
21 नव॰ 2029कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
25 नव॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 नव॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2738° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।