10 नवंबर 2029 को मेलबर्न का पंचांग

शनिवार, 10 नवंबर 2029, मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Melbourne में है।

शनिवार, 10 नवंबर 2029 को मेलबर्न में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (00:44, 11 नव॰ तक), नक्षत्र मूल (06:05 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:04 पर और सूर्यास्त 20:04 पर है। राहुकाल 09:34 से 11:19 तक है।

दिन और रात
दिन 06:04 – 20:04
रात 06:03 तक
तिथि
पंचमी, 00:44 तक
षष्ठी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 05:06 तक
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 नवंबर 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 00:44, 11 नव॰ तक
शुक्ल षष्ठी 23:41, 11 नव॰ तक
नक्षत्र
मूल 06:05 तक
पूर्वाषाढ़ा 05:06, 11 नव॰ तक
उत्तराषाढ़ा 04:52, 12 नव॰ तक
योग
धृति 22:01 तक
शूलअशुभ 19:54, 11 नव॰ तक
करण
बव 13:33 तक
बालव 00:44, 11 नव॰ तक
कौलव 12:07, 11 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:04
सूर्यास्त
20:04
चंद्रोदय
09:32
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
14h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:44 – 05:24
अभिजीत मुहूर्त
12:36 – 13:32

अशुभ समय

राहुकाल
09:34 – 11:19
यमगंड
14:49 – 16:34
गुलिक काल
06:04 – 07:49

10 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:04 – 07:49टालें
शुभ07:49 – 09:34शुभ
रोग09:34 – 11:19टालें
उद्वेग11:19 – 13:04टालें
चर13:04 – 14:49सामान्य
लाभ14:49 – 16:34शुभ
अमृत16:34 – 18:19शुभ
काल18:19 – 20:04टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ20:04 – 21:19शुभ
उद्वेग21:19 – 22:34टालें
शुभ22:34 – 23:49शुभ
अमृत23:49 – 01:03शुभ
चर01:03 – 02:18सामान्य
रोग02:18 – 03:33टालें
काल03:33 – 04:48टालें
लाभ04:48 – 06:03शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:0407:14दिन
गुरु07:1408:24दिन
मंगल08:2409:34दिन
सूर्य09:3410:44दिन
शुक्र10:4411:54दिन
बुध11:5413:04दिन
चंद्र13:0414:14दिन
शनि14:1415:24दिन
गुरु15:2416:34दिन
मंगल16:3417:44दिन
सूर्य17:4418:54दिन
शुक्र18:5420:04दिन
बुध20:0420:54रात
चंद्र20:5421:44रात
शनि21:4422:34रात
गुरु22:3423:24रात
मंगल23:2400:13रात
सूर्य00:1301:03रात
शुक्र01:0301:53रात
बुध01:5302:43रात
चंद्र02:4303:33रात
शनि03:3304:23रात
गुरु04:2305:13रात
मंगल05:1306:03रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
16 नव॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
16 नव॰ 2029वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
19 नव॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
21 नव॰ 2029कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
25 नव॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 नव॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 दिस॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 दिस॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
5 दिस॰ 2029मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
9 दिस॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां मेलबर्न में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2741° (लाहिड़ी)। समय मेलबर्न (Australia/Melbourne) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।