14 जनवरी 2027 को मस्कट का पंचांग

गुरुवार, 14 जनवरी 2027, मस्कट, Oman। समय Asia/Muscat में है।

गुरुवार, 14 जनवरी 2027 को मस्कट में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (12:29 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (21:49 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 06:50 पर और सूर्यास्त 17:40 पर है। राहुकाल 13:36 से 14:57 तक है।

दिन और रात
दिन 06:50 – 17:40
रात 06:50 तक
तिथि
षष्ठी, 12:29 तक
सप्तमी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 21:49 तक
रेवती
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 जनवरी 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 12:29 तक
शुक्ल सप्तमी 12:43, 15 जन॰ तक
नक्षत्र
रेवती 22:21, 15 जन॰ तक
योग
परिघअशुभ 15:52 तक
शिव 14:48, 15 जन॰ तक
करण
तैतिल 12:29 तक
गर 00:42, 15 जन॰ तक
वणिज 12:43, 15 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:50
सूर्यास्त
17:40
चंद्रोदय
10:35
चंद्रास्त
23:21
दिनमान
10h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:05 – 05:57
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:37

अशुभ समय

राहुकाल
13:36 – 14:57
यमगंड
06:50 – 08:11
गुलिक काल
09:32 – 10:54

14 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:50 – 08:11शुभ
रोग08:11 – 09:32टालें
उद्वेग09:32 – 10:54टालें
चर10:54 – 12:15सामान्य
लाभ12:15 – 13:36शुभ
अमृत13:36 – 14:57शुभ
काल14:57 – 16:18टालें
शुभ16:18 – 17:40शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:40 – 19:18शुभ
चर19:18 – 20:57सामान्य
रोग20:57 – 22:36टालें
काल22:36 – 00:15टालें
लाभ00:15 – 01:54शुभ
उद्वेग01:54 – 03:32टालें
शुभ03:32 – 05:11शुभ
अमृत05:11 – 06:50शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:5007:44दिन
मंगल07:4408:38दिन
सूर्य08:3809:32दिन
शुक्र09:3210:27दिन
बुध10:2711:21दिन
चंद्र11:2112:15दिन
शनि12:1513:09दिन
गुरु13:0914:03दिन
मंगल14:0314:57दिन
सूर्य14:5715:51दिन
शुक्र15:5116:46दिन
बुध16:4617:40दिन
चंद्र17:4018:46रात
शनि18:4619:51रात
गुरु19:5120:57रात
मंगल20:5722:03रात
सूर्य22:0323:09रात
शुक्र23:0900:15रात
बुध00:1501:21रात
चंद्र01:2102:27रात
शनि02:2703:32रात
गुरु03:3204:38रात
मंगल04:3805:44रात
सूर्य05:4406:50रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
14 जन॰ 2027मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
18 जन॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
20 जन॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
22 जन॰ 2027पौष पूर्णिमापूर्णिमा
25 जन॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 जन॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 फ़र॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 फ़र॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 फ़र॰ 2027माघ अमावस्याअमावस्या
10 फ़र॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां मस्कट में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2347° (लाहिड़ी)। समय मस्कट (Asia/Muscat) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।