19 सितंबर 2025 को नैरोबी का पंचांग

शुक्रवार, 19 सितंबर 2025, नैरोबी, Kenya। समय Africa/Nairobi में है।

शुक्रवार, 19 सितंबर 2025 को नैरोबी में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (21:07 तक), नक्षत्र मघा (05:35, 20 सित॰ तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:23 पर और सूर्यास्त 18:29 पर है। राहुकाल 10:55 से 12:26 तक है।

दिन और रात
दिन 06:23 – 18:29
रात 06:22 तक
तिथि
त्रयोदशी, 21:07 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
मघा, 05:35 तक
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 सितंबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 21:07 तक
कृष्ण चतुर्दशी 21:47, 20 सित॰ तक
नक्षत्र
मघा 05:35, 20 सित॰ तक
पूर्वा फाल्गुनी 07:02, 21 सित॰ तक
योग
सिद्ध 18:11 तक
साध्य 17:36, 20 सित॰ तक
करण
गर 08:57 तक
वणिज 21:07 तक
विष्टि (भद्रा) 09:24, 20 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:23
सूर्यास्त
18:29
चंद्रोदय
04:30
चंद्रास्त
16:49
दिनमान
12h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:48 – 05:35
अभिजीत मुहूर्त
12:02 – 12:50

अशुभ समय

राहुकाल
10:55 – 12:26
यमगंड
15:28 – 16:58
गुलिक काल
07:54 – 09:24

19 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:23 – 07:54सामान्य
लाभ07:54 – 09:24शुभ
अमृत09:24 – 10:55शुभ
काल10:55 – 12:26टालें
शुभ12:26 – 13:57शुभ
रोग13:57 – 15:28टालें
उद्वेग15:28 – 16:58टालें
चर16:58 – 18:29सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:29 – 19:58टालें
काल19:58 – 21:27टालें
लाभ21:27 – 22:57शुभ
उद्वेग22:57 – 00:26टालें
शुभ00:26 – 01:55शुभ
अमृत01:55 – 03:24शुभ
चर03:24 – 04:53सामान्य
रोग04:53 – 06:22टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:2307:23दिन
बुध07:2308:24दिन
चंद्र08:2409:24दिन
शनि09:2410:25दिन
गुरु10:2511:25दिन
मंगल11:2512:26दिन
सूर्य12:2613:26दिन
शुक्र13:2614:27दिन
बुध14:2715:28दिन
चंद्र15:2816:28दिन
शनि16:2817:29दिन
गुरु17:2918:29दिन
मंगल18:2919:29रात
सूर्य19:2920:28रात
शुक्र20:2821:27रात
बुध21:2722:27रात
चंद्र22:2723:26रात
शनि23:2600:26रात
गुरु00:2601:25रात
मंगल01:2502:25रात
सूर्य02:2503:24रात
शुक्र03:2404:24रात
बुध04:2405:23रात
चंद्र05:2306:22रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
19 सित॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
21 सित॰ 2025आश्विन अमावस्याअमावस्या
25 सित॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
3 अक्टू॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
5 अक्टू॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
7 अक्टू॰ 2025आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
10 अक्टू॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
14 अक्टू॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
17 अक्टू॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
17 अक्टू॰ 2025तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश

तिथियां नैरोबी में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2163° (लाहिड़ी)। समय नैरोबी (Africa/Nairobi) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।