18 नवंबर 2029 को नैरोबी का पंचांग

रविवार, 18 नवंबर 2029, नैरोबी, Kenya। समय Africa/Nairobi में है।

रविवार, 18 नवंबर 2029 को नैरोबी में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (01:57, 19 नव॰ तक), नक्षत्र रेवती (08:30 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:12 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 16:51 से 18:23 तक है।

दिन और रात
दिन 06:12 – 18:23
रात 06:12 तक
तिथि
त्रयोदशी, 01:57 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
अश्विनी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 नवंबर 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 01:57, 19 नव॰ तक
शुक्ल चतुर्दशी 04:32, 20 नव॰ तक
नक्षत्र
रेवती 08:30 तक
अश्विनी 11:31, 19 नव॰ तक
योग
सिद्धि 11:12 तक
व्यतीपातअशुभ 12:07, 19 नव॰ तक
करण
कौलव 12:40 तक
तैतिल 01:57, 19 नव॰ तक
गर 15:15, 19 नव॰ तक
चंद्र राशि
मीन 08:30 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:12
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
16:21
चंद्रास्त
03:56
दिनमान
12h 11m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:37 – 05:25
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:42

अशुभ समय

राहुकाल
16:51 – 18:23
यमगंड
12:17 – 13:49
गुलिक काल
15:20 – 16:51

18 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:12 – 07:43टालें
चर07:43 – 09:15सामान्य
लाभ09:15 – 10:46शुभ
अमृत10:46 – 12:17शुभ
काल12:17 – 13:49टालें
शुभ13:49 – 15:20शुभ
रोग15:20 – 16:51टालें
उद्वेग16:51 – 18:23टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:23 – 19:52शुभ
अमृत19:52 – 21:20शुभ
चर21:20 – 22:49सामान्य
रोग22:49 – 00:18टालें
काल00:18 – 01:46टालें
लाभ01:46 – 03:15शुभ
उद्वेग03:15 – 04:44टालें
शुभ04:44 – 06:12शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:1207:13दिन
शुक्र07:1308:14दिन
बुध08:1409:15दिन
चंद्र09:1510:16दिन
शनि10:1611:17दिन
गुरु11:1712:17दिन
मंगल12:1713:18दिन
सूर्य13:1814:19दिन
शुक्र14:1915:20दिन
बुध15:2016:21दिन
चंद्र16:2117:22दिन
शनि17:2218:23दिन
गुरु18:2319:22रात
मंगल19:2220:21रात
सूर्य20:2121:20रात
शुक्र21:2022:19रात
बुध22:1923:18रात
चंद्र23:1800:18रात
शनि00:1801:17रात
गुरु01:1702:16रात
मंगल02:1603:15रात
सूर्य03:1504:14रात
शुक्र04:1405:13रात
बुध05:1306:12रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
18 नव॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 नव॰ 2029कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
25 नव॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 नव॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 दिस॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
3 दिस॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
5 दिस॰ 2029मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
9 दिस॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 दिस॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
16 दिस॰ 2029धनु संक्रांतिसूर्य का धनु में प्रवेश

तिथियां नैरोबी में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2745° (लाहिड़ी)। समय नैरोबी (Africa/Nairobi) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।