24 अगस्त 2013 को नई दिल्ली का पंचांग

शनिवार, 24 अगस्त 2013, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 24 अगस्त 2013 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (23:47 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (07:32 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 05:55 पर और सूर्यास्त 18:51 पर है। राहुकाल 09:09 से 10:46 तक है।

दिन और रात
दिन 05:55 – 18:51
रात 05:55 तक
तिथि
चतुर्थी, 23:47 तक
पंचमी
नक्षत्र
रेवती
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 अगस्त 2013 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 23:47 तक
कृष्ण पंचमी 23:46, 25 अग॰ तक
नक्षत्र
रेवती 07:41, 25 अग॰ तक
योग
शूलअशुभ 18:05 तक
गंडअशुभ 16:52, 25 अग॰ तक
करण
बव 12:06 तक
बालव 23:47 तक
कौलव 11:40, 25 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:55
सूर्यास्त
18:51
चंद्रोदय
20:53
चंद्रास्त
09:03
दिनमान
12h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2070
शक संवत
1935, विजय संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:26 – 05:10
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:49

अशुभ समय

राहुकाल
09:09 – 10:46
यमगंड
14:00 – 15:37
गुलिक काल
05:55 – 07:32

24 अगस्त 2013 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:55 – 07:32टालें
शुभ07:32 – 09:09शुभ
रोग09:09 – 10:46टालें
उद्वेग10:46 – 12:23टालें
चर12:23 – 14:00सामान्य
लाभ14:00 – 15:37शुभ
अमृत15:37 – 17:14शुभ
काल17:14 – 18:51टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:51 – 20:14शुभ
उद्वेग20:14 – 21:37टालें
शुभ21:37 – 23:00शुभ
अमृत23:00 – 00:23शुभ
चर00:23 – 01:46सामान्य
रोग01:46 – 03:09टालें
काल03:09 – 04:32टालें
लाभ04:32 – 05:55शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:5506:59दिन
गुरु06:5908:04दिन
मंगल08:0409:09दिन
सूर्य09:0910:13दिन
शुक्र10:1311:18दिन
बुध11:1812:23दिन
चंद्र12:2313:28दिन
शनि13:2814:32दिन
गुरु14:3215:37दिन
मंगल15:3716:42दिन
सूर्य16:4217:46दिन
शुक्र17:4618:51दिन
बुध18:5119:46रात
चंद्र19:4620:42रात
शनि20:4221:37रात
गुरु21:3722:32रात
मंगल22:3223:28रात
सूर्य23:2800:23रात
शुक्र00:2301:18रात
बुध01:1802:14रात
चंद्र02:1403:09रात
शनि03:0904:04रात
गुरु04:0405:00रात
मंगल05:0005:55रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
24 अग॰ 2013संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
28 अग॰ 2013कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
1 सित॰ 2013कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
3 सित॰ 2013प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
5 सित॰ 2013भाद्रपद अमावस्याअमावस्या
9 सित॰ 2013विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
15 सित॰ 2013शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
17 सित॰ 2013प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
17 सित॰ 2013कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
19 सित॰ 2013भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां नई दिल्ली में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.0477° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।