12 मार्च 2018 को नई दिल्ली का पंचांग

सोमवार, 12 मार्च 2018, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 12 मार्च 2018 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (11:13 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (09:34 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:34 पर और सूर्यास्त 18:27 पर है। राहुकाल 08:03 से 09:32 तक है।

दिन और रात
दिन 06:34 – 18:27
रात 06:33 तक
तिथि
दशमी, 11:13 तक
एकादशी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 मार्च 2018 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण दशमी 11:13 तक
कृष्ण एकादशी 13:41, 13 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 12:30, 13 मार्च तक
योग
वरीयान 20:37 तक
परिघअशुभ 21:23, 13 मार्च तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:13 तक
बव 00:29, 13 मार्च तक
बालव 13:41, 13 मार्च तक
चंद्र राशि
धनु 16:19 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:34
सूर्यास्त
18:27
चंद्रोदय
03:04
चंद्रास्त
13:53
दिनमान
11h 53m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2074
शक संवत
1939, हेमलंब संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:57 – 05:46
अभिजीत मुहूर्त
12:07 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
08:03 – 09:32
यमगंड
11:02 – 12:31
गुलिक काल
14:00 – 15:29

12 मार्च 2018 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:34 – 08:03शुभ
काल08:03 – 09:32टालें
शुभ09:32 – 11:02शुभ
रोग11:02 – 12:31टालें
उद्वेग12:31 – 14:00टालें
चर14:00 – 15:29सामान्य
लाभ15:29 – 16:58शुभ
अमृत16:58 – 18:27शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:27 – 19:58सामान्य
रोग19:58 – 21:29टालें
काल21:29 – 22:59टालें
लाभ22:59 – 00:30शुभ
उद्वेग00:30 – 02:01टालें
शुभ02:01 – 03:32शुभ
अमृत03:32 – 05:02शुभ
चर05:02 – 06:33सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3407:34दिन
शनि07:3408:33दिन
गुरु08:3309:32दिन
मंगल09:3210:32दिन
सूर्य10:3211:31दिन
शुक्र11:3112:31दिन
बुध12:3113:30दिन
चंद्र13:3014:30दिन
शनि14:3015:29दिन
गुरु15:2916:28दिन
मंगल16:2817:28दिन
सूर्य17:2818:27दिन
शुक्र18:2719:28रात
बुध19:2820:28रात
चंद्र20:2821:29रात
शनि21:2922:29रात
गुरु22:2923:30रात
मंगल23:3000:30रात
सूर्य00:3001:31रात
शुक्र01:3102:31रात
बुध02:3103:32रात
चंद्र03:3204:32रात
शनि04:3205:33रात
गुरु05:3306:33रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
13 मार्च 2018कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 मार्च 2018मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
15 मार्च 2018प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
17 मार्च 2018चैत्र अमावस्याअमावस्या
21 मार्च 2018विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
27 मार्च 2018शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
29 मार्च 2018प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
31 मार्च 2018चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
4 अप्रैल 2018संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
8 अप्रैल 2018कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां नई दिल्ली में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.1112° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।