9 फ़रवरी 2019 को नई दिल्ली का पंचांग

शनिवार, 9 फ़रवरी 2019, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 9 फ़रवरी 2019 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (12:26 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (17:30 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 07:04 पर और सूर्यास्त 18:06 पर है। राहुकाल 09:50 से 11:12 तक है।

दिन और रात
दिन 07:04 – 18:06
रात 07:03 तक
तिथि
चतुर्थी, 12:26 तक
पंचमी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 17:30 तक
रेवती
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 फ़रवरी 2019 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 12:26 तक
शुक्ल पंचमी 14:09, 10 फ़र॰ तक
नक्षत्र
रेवती 19:37, 10 फ़र॰ तक
योग
सिद्ध 12:03 तक
साध्य 12:16, 10 फ़र॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 12:26 तक
बव 01:21, 10 फ़र॰ तक
बालव 14:09, 10 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:04
सूर्यास्त
18:06
चंद्रोदय
09:42
चंद्रास्त
21:59
दिनमान
11h 2m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2075
शक संवत
1940, विलंब संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:20 – 06:12
अभिजीत मुहूर्त
12:13 – 12:57

अशुभ समय

राहुकाल
09:50 – 11:12
यमगंड
13:58 – 15:21
गुलिक काल
07:04 – 08:27

9 फ़रवरी 2019 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:04 – 08:27टालें
शुभ08:27 – 09:50शुभ
रोग09:50 – 11:12टालें
उद्वेग11:12 – 12:35टालें
चर12:35 – 13:58सामान्य
लाभ13:58 – 15:21शुभ
अमृत15:21 – 16:43शुभ
काल16:43 – 18:06टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:06 – 19:43शुभ
उद्वेग19:43 – 21:20टालें
शुभ21:20 – 22:57शुभ
अमृत22:57 – 00:35शुभ
चर00:35 – 02:12सामान्य
रोग02:12 – 03:49टालें
काल03:49 – 05:26टालें
लाभ05:26 – 07:03शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:0407:59दिन
गुरु07:5908:54दिन
मंगल08:5409:50दिन
सूर्य09:5010:45दिन
शुक्र10:4511:40दिन
बुध11:4012:35दिन
चंद्र12:3513:30दिन
शनि13:3014:25दिन
गुरु14:2515:21दिन
मंगल15:2116:16दिन
सूर्य16:1617:11दिन
शुक्र17:1118:06दिन
बुध18:0619:11रात
चंद्र19:1120:16रात
शनि20:1621:20रात
गुरु21:2022:25रात
मंगल22:2523:30रात
सूर्य23:3000:35रात
शुक्र00:3501:39रात
बुध01:3902:44रात
चंद्र02:4403:49रात
शनि03:4904:54रात
गुरु04:5405:59रात
मंगल05:5907:03रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
9 फ़र॰ 2019विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
13 फ़र॰ 2019कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
16 फ़र॰ 2019शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
17 फ़र॰ 2019प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
19 फ़र॰ 2019माघ पूर्णिमापूर्णिमा
23 फ़र॰ 2019संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
26 फ़र॰ 2019कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 मार्च 2019कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 मार्च 2019प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 मार्च 2019फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
10 मार्च 2019विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां नई दिल्ली में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.1240° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।