1 सितंबर 2021 को नई दिल्ली का पंचांग

बुधवार, 1 सितंबर 2021, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 1 सितंबर 2021 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (06:22, 2 सित॰ तक), नक्षत्र मृगशिरा (12:34 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:59 पर और सूर्यास्त 18:42 पर है। राहुकाल 12:20 से 13:56 तक है।

दिन और रात
दिन 05:59 – 18:42
रात 05:59 तक
तिथि
दशमी
नक्षत्र
मृगशिरा, 12:34 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 सितंबर 2021 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण दशमी 06:22, 2 सित॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 14:56, 2 सित॰ तक
योग
वज्रअशुभ 09:38 तक
सिद्धि 10:08, 2 सित॰ तक
करण
वणिज 17:27 तक
विष्टि (भद्रा) 06:22, 2 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:59
सूर्यास्त
18:42
चंद्रोदय
00:18
चंद्रास्त
14:46
दिनमान
12h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2078
शक संवत
1943, प्लव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:29 – 05:14
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:46 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:20 – 13:56
यमगंड
07:34 – 09:10
गुलिक काल
10:45 – 12:20

1 सितंबर 2021 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:59 – 07:34शुभ
अमृत07:34 – 09:10शुभ
काल09:10 – 10:45टालें
शुभ10:45 – 12:20शुभ
रोग12:20 – 13:56टालें
उद्वेग13:56 – 15:31टालें
चर15:31 – 17:07सामान्य
लाभ17:07 – 18:42शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:42 – 20:07टालें
शुभ20:07 – 21:31शुभ
अमृत21:31 – 22:56शुभ
चर22:56 – 00:21सामान्य
रोग00:21 – 01:45टालें
काल01:45 – 03:10टालें
लाभ03:10 – 04:35शुभ
उद्वेग04:35 – 05:59टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:5907:02दिन
चंद्र07:0208:06दिन
शनि08:0609:10दिन
गुरु09:1010:13दिन
मंगल10:1311:17दिन
सूर्य11:1712:20दिन
शुक्र12:2013:24दिन
बुध13:2414:28दिन
चंद्र14:2815:31दिन
शनि15:3116:35दिन
गुरु16:3517:39दिन
मंगल17:3918:42दिन
सूर्य18:4219:39रात
शुक्र19:3920:35रात
बुध20:3521:31रात
चंद्र21:3122:28रात
शनि22:2823:24रात
गुरु23:2400:21रात
मंगल00:2101:17रात
सूर्य01:1702:14रात
शुक्र02:1403:10रात
बुध03:1004:06रात
चंद्र04:0605:03रात
शनि05:0305:59रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
3 सित॰ 2021कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
5 सित॰ 2021प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
7 सित॰ 2021भाद्रपद अमावस्याअमावस्या
10 सित॰ 2021विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
17 सित॰ 2021शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
17 सित॰ 2021कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
18 सित॰ 2021प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 सित॰ 2021भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
25 सित॰ 2021संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 सित॰ 2021कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां नई दिल्ली में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.1597° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।