24 दिसंबर 2021 को नई दिल्ली का पंचांग

शुक्रवार, 24 दिसंबर 2021, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 24 दिसंबर 2021 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (19:34 तक), नक्षत्र मघा (04:09, 25 दिस॰ तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 07:10 पर और सूर्यास्त 17:30 पर है। राहुकाल 11:03 से 12:20 तक है।

दिन और रात
दिन 07:10 – 17:30
रात 07:11 तक
तिथि
पंचमी, 19:34 तक
षष्ठी
नक्षत्र
मघा, 04:09 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 दिसंबर 2021 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 19:34 तक
कृष्ण षष्ठी 20:09, 25 दिस॰ तक
नक्षत्र
मघा 04:09, 25 दिस॰ तक
पूर्वा फाल्गुनी 05:05, 26 दिस॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 11:59 तक
प्रीति 11:24, 25 दिस॰ तक
करण
तैतिल 19:34 तक
गर 07:56, 25 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:10
सूर्यास्त
17:30
चंद्रोदय
22:07
चंद्रास्त
10:56
दिनमान
10h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2078
शक संवत
1943, प्लव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:21 – 06:16
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:41

अशुभ समय

राहुकाल
11:03 – 12:20
यमगंड
14:55 – 16:12
गुलिक काल
08:28 – 09:45

24 दिसंबर 2021 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:10 – 08:28सामान्य
लाभ08:28 – 09:45शुभ
अमृत09:45 – 11:03शुभ
काल11:03 – 12:20टालें
शुभ12:20 – 13:38शुभ
रोग13:38 – 14:55टालें
उद्वेग14:55 – 16:12टालें
चर16:12 – 17:30सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:30 – 19:13टालें
काल19:13 – 20:55टालें
लाभ20:55 – 22:38शुभ
उद्वेग22:38 – 00:20टालें
शुभ00:20 – 02:03शुभ
अमृत02:03 – 03:46शुभ
चर03:46 – 05:28सामान्य
रोग05:28 – 07:11टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:1008:02दिन
बुध08:0208:54दिन
चंद्र08:5409:45दिन
शनि09:4510:37दिन
गुरु10:3711:29दिन
मंगल11:2912:20दिन
सूर्य12:2013:12दिन
शुक्र13:1214:03दिन
बुध14:0314:55दिन
चंद्र14:5515:47दिन
शनि15:4716:38दिन
गुरु16:3817:30दिन
मंगल17:3018:38रात
सूर्य18:3819:47रात
शुक्र19:4720:55रात
बुध20:5522:04रात
चंद्र22:0423:12रात
शनि23:1200:20रात
गुरु00:2001:29रात
मंगल01:2902:37रात
सूर्य02:3703:46रात
शुक्र03:4604:54रात
बुध04:5406:03रात
चंद्र06:0307:11रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
27 दिस॰ 2021कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
30 दिस॰ 2021कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
1 जन॰ 2022प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
2 जन॰ 2022पौष अमावस्याअमावस्या
6 जन॰ 2022विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
13 जन॰ 2022शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
14 जन॰ 2022मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
15 जन॰ 2022प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
17 जन॰ 2022पौष पूर्णिमापूर्णिमा
22 जन॰ 2022संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां नई दिल्ली में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.1641° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।