7 फ़रवरी 2022 को नई दिल्ली का पंचांग

सोमवार, 7 फ़रवरी 2022, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 7 फ़रवरी 2022 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (06:16, 8 फ़र॰ तक), नक्षत्र अश्विनी (18:58 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 07:05 पर और सूर्यास्त 18:05 पर है। राहुकाल 08:28 से 09:50 तक है।

दिन और रात
दिन 07:05 – 18:05
रात 07:05 तक
तिथि
सप्तमी, 06:16 तक
नक्षत्र
अश्विनी, 18:58 तक
भरणी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 फ़रवरी 2022 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 06:16, 8 फ़र॰ तक
शुक्ल अष्टमी 08:31, 9 फ़र॰ तक
नक्षत्र
भरणी 21:27, 8 फ़र॰ तक
योग
शुभ 16:42 तक
शुक्ल 17:04, 8 फ़र॰ तक
करण
गर 17:22 तक
वणिज 06:16, 8 फ़र॰ तक
विष्टि (भद्रा) 19:20, 8 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:05
सूर्यास्त
18:05
चंद्रोदय
10:56
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
10h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2078
शक संवत
1943, प्लव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:21 – 06:13
अभिजीत मुहूर्त
12:13 – 12:57

अशुभ समय

राहुकाल
08:28 – 09:50
यमगंड
11:12 – 12:35
गुलिक काल
13:57 – 15:20

7 फ़रवरी 2022 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:05 – 08:28शुभ
काल08:28 – 09:50टालें
शुभ09:50 – 11:12शुभ
रोग11:12 – 12:35टालें
उद्वेग12:35 – 13:57टालें
चर13:57 – 15:20सामान्य
लाभ15:20 – 16:42शुभ
अमृत16:42 – 18:05शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:05 – 19:42सामान्य
रोग19:42 – 21:20टालें
काल21:20 – 22:57टालें
लाभ22:57 – 00:35शुभ
उद्वेग00:35 – 02:12टालें
शुभ02:12 – 03:50शुभ
अमृत03:50 – 05:27शुभ
चर05:27 – 07:05सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:0508:00दिन
शनि08:0008:55दिन
गुरु08:5509:50दिन
मंगल09:5010:45दिन
सूर्य10:4511:40दिन
शुक्र11:4012:35दिन
बुध12:3513:30दिन
चंद्र13:3014:25दिन
शनि14:2515:20दिन
गुरु15:2016:15दिन
मंगल16:1517:10दिन
सूर्य17:1018:05दिन
शुक्र18:0519:10रात
बुध19:1020:15रात
चंद्र20:1521:20रात
शनि21:2022:25रात
गुरु22:2523:30रात
मंगल23:3000:35रात
सूर्य00:3501:40रात
शुक्र01:4002:45रात
बुध02:4503:50रात
चंद्र03:5004:55रात
शनि04:5506:00रात
गुरु06:0007:05रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
12 फ़र॰ 2022शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
13 फ़र॰ 2022कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
14 फ़र॰ 2022प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
16 फ़र॰ 2022माघ पूर्णिमापूर्णिमा
20 फ़र॰ 2022संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
24 फ़र॰ 2022कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
27 फ़र॰ 2022कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
28 फ़र॰ 2022प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
2 मार्च 2022फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
6 मार्च 2022विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां नई दिल्ली में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.1658° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।