6 मार्च 2022 को नई दिल्ली का पंचांग

रविवार, 6 मार्च 2022, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 6 मार्च 2022 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (21:12 तक), नक्षत्र अश्विनी (03:50, 7 मार्च तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:41 पर और सूर्यास्त 18:24 पर है। राहुकाल 16:56 से 18:24 तक है।

दिन और रात
दिन 06:41 – 18:24
रात 06:40 तक
तिथि
चतुर्थी, 21:12 तक
पंचमी
नक्षत्र
अश्विनी, 03:50 तक
भरणी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 मार्च 2022 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 21:12 तक
शुक्ल पंचमी 22:33, 7 मार्च तक
नक्षत्र
अश्विनी 03:50, 7 मार्च तक
भरणी 05:54, 8 मार्च तक
योग
ब्रह्म 00:00, 7 मार्च तक
इंद्र 23:59, 7 मार्च तक
करण
वणिज 08:48 तक
विष्टि (भद्रा) 21:12 तक
बव 09:47, 7 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:41
सूर्यास्त
18:24
चंद्रोदय
08:53
चंद्रास्त
21:59
दिनमान
11h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2078
शक संवत
1943, प्लव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:02 – 05:52
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:56

अशुभ समय

राहुकाल
16:56 – 18:24
यमगंड
12:32 – 14:00
गुलिक काल
15:28 – 16:56

6 मार्च 2022 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:41 – 08:09टालें
चर08:09 – 09:36सामान्य
लाभ09:36 – 11:04शुभ
अमृत11:04 – 12:32शुभ
काल12:32 – 14:00टालें
शुभ14:00 – 15:28शुभ
रोग15:28 – 16:56टालें
उद्वेग16:56 – 18:24टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:24 – 19:56शुभ
अमृत19:56 – 21:28शुभ
चर21:28 – 23:00सामान्य
रोग23:00 – 00:32टालें
काल00:32 – 02:04टालें
लाभ02:04 – 03:36शुभ
उद्वेग03:36 – 05:08टालें
शुभ05:08 – 06:40शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:4107:39दिन
शुक्र07:3908:38दिन
बुध08:3809:36दिन
चंद्र09:3610:35दिन
शनि10:3511:34दिन
गुरु11:3412:32दिन
मंगल12:3213:31दिन
सूर्य13:3114:29दिन
शुक्र14:2915:28दिन
बुध15:2816:26दिन
चंद्र16:2617:25दिन
शनि17:2518:24दिन
गुरु18:2419:25रात
मंगल19:2520:26रात
सूर्य20:2621:28रात
शुक्र21:2822:29रात
बुध22:2923:30रात
चंद्र23:3000:32रात
शनि00:3201:33रात
गुरु01:3302:34रात
मंगल02:3403:36रात
सूर्य03:3604:37रात
शुक्र04:3705:38रात
बुध05:3806:40रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
6 मार्च 2022विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
14 मार्च 2022शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
15 मार्च 2022मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
16 मार्च 2022प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
18 मार्च 2022फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
22 मार्च 2022संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
25 मार्च 2022कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
28 मार्च 2022कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
30 मार्च 2022प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
1 अप्रैल 2022चैत्र अमावस्याअमावस्या

तिथियां नई दिल्ली में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.1668° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।