2 मई 2022 को नई दिल्ली का पंचांग

सोमवार, 2 मई 2022, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 2 मई 2022 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (05:19, 3 मई तक), नक्षत्र कृत्तिका (00:33, 3 मई तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:39 पर और सूर्यास्त 18:56 पर है। राहुकाल 07:19 से 08:59 तक है।

दिन और रात
दिन 05:39 – 18:56
रात 05:39 तक
तिथि
द्वितीया, 05:19 तक
नक्षत्र
कृत्तिका, 00:33 तक
रोहिणी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 मई 2022 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 05:19, 3 मई तक
शुक्ल तृतीया 07:33, 4 मई तक
नक्षत्र
कृत्तिका 00:33, 3 मई तक
रोहिणी 03:17, 4 मई तक
योग
सौभाग्य 15:36 तक
शोभन 16:14, 3 मई तक
करण
बालव 16:19 तक
कौलव 05:19, 3 मई तक
तैतिल 18:24, 3 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:39
सूर्यास्त
18:56
चंद्रोदय
06:28
चंद्रास्त
20:27
दिनमान
13h 17m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2079
शक संवत
1944, शुभकृत संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:14 – 04:56
अभिजीत मुहूर्त
11:51 – 12:44

अशुभ समय

राहुकाल
07:19 – 08:59
यमगंड
10:38 – 12:18
गुलिक काल
13:58 – 15:37

2 मई 2022 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:39 – 07:19शुभ
काल07:19 – 08:59टालें
शुभ08:59 – 10:38शुभ
रोग10:38 – 12:18टालें
उद्वेग12:18 – 13:58टालें
चर13:58 – 15:37सामान्य
लाभ15:37 – 17:17शुभ
अमृत17:17 – 18:56शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:56 – 20:17सामान्य
रोग20:17 – 21:37टालें
काल21:37 – 22:57टालें
लाभ22:57 – 00:17शुभ
उद्वेग00:17 – 01:38टालें
शुभ01:38 – 02:58शुभ
अमृत02:58 – 04:18शुभ
चर04:18 – 05:39सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:3906:46दिन
शनि06:4607:52दिन
गुरु07:5208:59दिन
मंगल08:5910:05दिन
सूर्य10:0511:11दिन
शुक्र11:1112:18दिन
बुध12:1813:24दिन
चंद्र13:2414:31दिन
शनि14:3115:37दिन
गुरु15:3716:44दिन
मंगल16:4417:50दिन
सूर्य17:5018:56दिन
शुक्र18:5619:50रात
बुध19:5020:43रात
चंद्र20:4321:37रात
शनि21:3722:30रात
गुरु22:3023:24रात
मंगल23:2400:17रात
सूर्य00:1701:11रात
शुक्र01:1102:05रात
बुध02:0502:58रात
चंद्र02:5803:52रात
शनि03:5204:45रात
गुरु04:4505:39रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
5 मई 2022विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
12 मई 2022शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
14 मई 2022प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
15 मई 2022वृषभ संक्रांतिसूर्य का वृषभ में प्रवेश
16 मई 2022वैशाख पूर्णिमापूर्णिमा
19 मई 2022संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
23 मई 2022कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
26 मई 2022कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
28 मई 2022प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
30 मई 2022ज्येष्ठ अमावस्याअमावस्या

तिथियां नई दिल्ली में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.1690° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।