6 जून 2022 को नई दिल्ली का पंचांग

सोमवार, 6 जून 2022, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 6 जून 2022 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (06:40 तक), नक्षत्र मघा (02:25, 7 जून तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 05:23 पर और सूर्यास्त 19:16 पर है। राहुकाल 07:07 से 08:51 तक है।

दिन और रात
दिन 05:23 – 19:16
रात 05:22 तक
तिथि
सप्तमी
नक्षत्र
मघा, 02:25 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 जून 2022 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 06:40 तक
शुक्ल सप्तमी 07:55, 7 जून तक
नक्षत्र
मघा 02:25, 7 जून तक
योग
हर्षण 04:52, 7 जून तक
वज्रअशुभ 04:26, 8 जून तक
करण
तैतिल 06:40 तक
गर 19:22 तक
वणिज 07:55, 7 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:23
सूर्यास्त
19:16
चंद्रोदय
11:00
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
13h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2079
शक संवत
1944, शुभकृत संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:02 – 04:42
अभिजीत मुहूर्त
11:52 – 12:47

अशुभ समय

राहुकाल
07:07 – 08:51
यमगंड
10:35 – 12:19
गुलिक काल
14:04 – 15:48

6 जून 2022 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:23 – 07:07शुभ
काल07:07 – 08:51टालें
शुभ08:51 – 10:35शुभ
रोग10:35 – 12:19टालें
उद्वेग12:19 – 14:04टालें
चर14:04 – 15:48सामान्य
लाभ15:48 – 17:32शुभ
अमृत17:32 – 19:16शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:16 – 20:32सामान्य
रोग20:32 – 21:48टालें
काल21:48 – 23:04टालें
लाभ23:04 – 00:19शुभ
उद्वेग00:19 – 01:35टालें
शुभ01:35 – 02:51शुभ
अमृत02:51 – 04:07शुभ
चर04:07 – 05:22सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:2306:32दिन
शनि06:3207:41दिन
गुरु07:4108:51दिन
मंगल08:5110:00दिन
सूर्य10:0011:10दिन
शुक्र11:1012:19दिन
बुध12:1913:29दिन
चंद्र13:2914:38दिन
शनि14:3815:48दिन
गुरु15:4816:57दिन
मंगल16:5718:07दिन
सूर्य18:0719:16दिन
शुक्र19:1620:07रात
बुध20:0720:57रात
चंद्र20:5721:48रात
शनि21:4822:38रात
गुरु22:3823:29रात
मंगल23:2900:19रात
सूर्य00:1901:10रात
शुक्र01:1002:00रात
बुध02:0002:51रात
चंद्र02:5103:41रात
शनि03:4104:32रात
गुरु04:3205:22रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
11 जून 2022शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
12 जून 2022प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
14 जून 2022ज्येष्ठ पूर्णिमापूर्णिमा
15 जून 2022मिथुन संक्रांतिसूर्य का मिथुन में प्रवेश
17 जून 2022संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
21 जून 2022कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
24 जून 2022कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
26 जून 2022प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 जून 2022आषाढ़ अमावस्याअमावस्या
3 जुल॰ 2022विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां नई दिल्ली में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.1703° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।