23 जून 2022 को नई दिल्ली का पंचांग

गुरुवार, 23 जून 2022, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 23 जून 2022 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (21:41 तक), नक्षत्र रेवती (06:14 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:24 पर और सूर्यास्त 19:22 पर है। राहुकाल 14:08 से 15:52 तक है।

दिन और रात
दिन 05:24 – 19:22
रात 05:24 तक
तिथि
दशमी, 21:41 तक
एकादशी
नक्षत्र
अश्विनी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 जून 2022 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण दशमी 21:41 तक
कृष्ण एकादशी 23:12, 24 जून तक
नक्षत्र
रेवती 06:14 तक
अश्विनी 08:03, 24 जून तक
योग
अतिगंडअशुभ 04:51, 24 जून तक
सुकर्मा 05:13, 25 जून तक
करण
वणिज 09:09 तक
विष्टि (भद्रा) 21:41 तक
बव 10:23, 24 जून तक
चंद्र राशि
मीन 06:14 तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:24
सूर्यास्त
19:22
चंद्रोदय
01:28
चंद्रास्त
14:22
दिनमान
13h 58m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2079
शक संवत
1944, शुभकृत संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:04 – 04:44
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
14:08 – 15:52
यमगंड
05:24 – 07:09
गुलिक काल
08:53 – 10:38

23 जून 2022 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:24 – 07:09शुभ
रोग07:09 – 08:53टालें
उद्वेग08:53 – 10:38टालें
चर10:38 – 12:23सामान्य
लाभ12:23 – 14:08शुभ
अमृत14:08 – 15:52शुभ
काल15:52 – 17:37टालें
शुभ17:37 – 19:22शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:22 – 20:37शुभ
चर20:37 – 21:52सामान्य
रोग21:52 – 23:08टालें
काल23:08 – 00:23टालें
लाभ00:23 – 01:38शुभ
उद्वेग01:38 – 02:54टालें
शुभ02:54 – 04:09शुभ
अमृत04:09 – 05:24शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:2406:34दिन
मंगल06:3407:44दिन
सूर्य07:4408:53दिन
शुक्र08:5310:03दिन
बुध10:0311:13दिन
चंद्र11:1312:23दिन
शनि12:2313:33दिन
गुरु13:3314:43दिन
मंगल14:4315:52दिन
सूर्य15:5217:02दिन
शुक्र17:0218:12दिन
बुध18:1219:22दिन
चंद्र19:2220:12रात
शनि20:1221:02रात
गुरु21:0221:52रात
मंगल21:5222:43रात
सूर्य22:4323:33रात
शुक्र23:3300:23रात
बुध00:2301:13रात
चंद्र01:1302:03रात
शनि02:0302:54रात
गुरु02:5403:44रात
मंगल03:4404:34रात
सूर्य04:3405:24रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
24 जून 2022कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
26 जून 2022प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 जून 2022आषाढ़ अमावस्याअमावस्या
3 जुल॰ 2022विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
10 जुल॰ 2022शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
12 जुल॰ 2022प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
13 जुल॰ 2022आषाढ़ पूर्णिमापूर्णिमा
16 जुल॰ 2022कर्क संक्रांतिसूर्य का कर्क में प्रवेश
17 जुल॰ 2022संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
21 जुल॰ 2022कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां नई दिल्ली में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.1710° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।