27 अगस्त 2023 को नई दिल्ली का पंचांग

रविवार, 27 अगस्त 2023, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 27 अगस्त 2023 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (21:33 तक), नक्षत्र मूल (07:16 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 05:56 पर और सूर्यास्त 18:48 पर है। राहुकाल 17:12 से 18:48 तक है।

दिन और रात
दिन 05:56 – 18:48
रात 05:56 तक
तिथि
एकादशी, 21:33 तक
द्वादशी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 05:15 तक
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 अगस्त 2023 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 21:33 तक
शुक्ल द्वादशी 18:23, 28 अग॰ तक
नक्षत्र
मूल 07:16 तक
पूर्वाषाढ़ा 05:15, 28 अग॰ तक
उत्तराषाढ़ा 02:43, 29 अग॰ तक
योग
प्रीति 13:26 तक
आयुष्मान 09:55, 28 अग॰ तक
करण
वणिज 10:55 तक
विष्टि (भद्रा) 21:32 तक
बव 08:01, 28 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:56
सूर्यास्त
18:48
चंद्रोदय
16:05
चंद्रास्त
01:11
दिनमान
12h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2080
शक संवत
1945, शोभकृत संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:27 – 05:12
अभिजीत मुहूर्त
11:56 – 12:48

अशुभ समय

राहुकाल
17:12 – 18:48
यमगंड
12:22 – 13:59
गुलिक काल
15:35 – 17:12

27 अगस्त 2023 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:56 – 07:33टालें
चर07:33 – 09:09सामान्य
लाभ09:09 – 10:46शुभ
अमृत10:46 – 12:22शुभ
काल12:22 – 13:59टालें
शुभ13:59 – 15:35शुभ
रोग15:35 – 17:12टालें
उद्वेग17:12 – 18:48टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:48 – 20:12शुभ
अमृत20:12 – 21:35शुभ
चर21:35 – 22:59सामान्य
रोग22:59 – 00:22टालें
काल00:22 – 01:46टालें
लाभ01:46 – 03:09शुभ
उद्वेग03:09 – 04:33टालें
शुभ04:33 – 05:56शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:5607:00दिन
शुक्र07:0008:05दिन
बुध08:0509:09दिन
चंद्र09:0910:13दिन
शनि10:1311:18दिन
गुरु11:1812:22दिन
मंगल12:2213:26दिन
सूर्य13:2614:31दिन
शुक्र14:3115:35दिन
बुध15:3516:40दिन
चंद्र16:4017:44दिन
शनि17:4418:48दिन
गुरु18:4819:44रात
मंगल19:4420:40रात
सूर्य20:4021:35रात
शुक्र21:3522:31रात
बुध22:3123:27रात
चंद्र23:2700:22रात
शनि00:2201:18रात
गुरु01:1802:14रात
मंगल02:1403:09रात
सूर्य03:0904:05रात
शुक्र04:0505:01रात
बुध05:0105:56रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
27 अग॰ 2023शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
29 अग॰ 2023प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
31 अग॰ 2023श्रावण पूर्णिमापूर्णिमा
3 सित॰ 2023संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
7 सित॰ 2023कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
10 सित॰ 2023कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 सित॰ 2023प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
14 सित॰ 2023भाद्रपद अमावस्याअमावस्या
17 सित॰ 2023कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
19 सित॰ 2023विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
25 सित॰ 2023शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां नई दिल्ली में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.1874° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।