2 सितंबर 2024 को नई दिल्ली का पंचांग

सोमवार, 2 सितंबर 2024, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 2 सितंबर 2024 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (07:25, 3 सित॰ तक), नक्षत्र मघा (00:20, 3 सित॰ तक) और योग शिव है। सूर्योदय 05:59 पर और सूर्यास्त 18:41 पर है। राहुकाल 07:35 से 09:10 तक है।

दिन और रात
दिन 05:59 – 18:41
रात 06:00 तक
तिथि
अमावस्या
नक्षत्र
मघा, 00:20 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 सितंबर 2024 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
अमावस्या 07:25, 3 सित॰ तक
नक्षत्र
मघा 00:20, 3 सित॰ तक
पूर्वा फाल्गुनी 03:10, 4 सित॰ तक
योग
शिव 18:19 तक
सिद्ध 19:05, 3 सित॰ तक
करण
चतुष्पद 18:21 तक
नाग 07:25, 3 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:59
सूर्यास्त
18:41
चंद्रोदय
05:05
चंद्रास्त
18:29
दिनमान
12h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:29 – 05:14
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:45

अशुभ समय

राहुकाल
07:35 – 09:10
यमगंड
10:45 – 12:20
गुलिक काल
13:55 – 15:30

2 सितंबर 2024 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:59 – 07:35शुभ
काल07:35 – 09:10टालें
शुभ09:10 – 10:45शुभ
रोग10:45 – 12:20टालें
उद्वेग12:20 – 13:55टालें
चर13:55 – 15:30सामान्य
लाभ15:30 – 17:06शुभ
अमृत17:06 – 18:41शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:41 – 20:06सामान्य
रोग20:06 – 21:30टालें
काल21:30 – 22:55टालें
लाभ22:55 – 00:20शुभ
उद्वेग00:20 – 01:45टालें
शुभ01:45 – 03:10शुभ
अमृत03:10 – 04:35शुभ
चर04:35 – 06:00सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5907:03दिन
शनि07:0308:06दिन
गुरु08:0609:10दिन
मंगल09:1010:13दिन
सूर्य10:1311:17दिन
शुक्र11:1712:20दिन
बुध12:2013:23दिन
चंद्र13:2314:27दिन
शनि14:2715:30दिन
गुरु15:3016:34दिन
मंगल16:3417:37दिन
सूर्य17:3718:41दिन
शुक्र18:4119:37रात
बुध19:3720:34रात
चंद्र20:3421:30रात
शनि21:3022:27रात
गुरु22:2723:24रात
मंगल23:2400:20रात
सूर्य00:2001:17रात
शुक्र01:1702:13रात
बुध02:1303:10रात
चंद्र03:1004:07रात
शनि04:0705:03रात
गुरु05:0306:00रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
2 सित॰ 2024भाद्रपद अमावस्याअमावस्या
7 सित॰ 2024विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
14 सित॰ 2024शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
16 सित॰ 2024प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
16 सित॰ 2024कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
18 सित॰ 2024भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
21 सित॰ 2024संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
25 सित॰ 2024कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
28 सित॰ 2024कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
30 सित॰ 2024प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां नई दिल्ली में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2017° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।