13 फ़रवरी 2026 को न्यूयॉर्क का पंचांग

शुक्रवार, 13 फ़रवरी 2026, न्यूयॉर्क, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

शुक्रवार, 13 फ़रवरी 2026 को न्यूयॉर्क में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (05:32, 14 फ़र॰ तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (07:46, 14 फ़र॰ तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:52 पर और सूर्यास्त 17:28 पर है। राहुकाल 10:50 से 12:10 तक है।

दिन और रात
दिन 06:52 – 17:28
रात 06:51 तक
तिथि
द्वादशी, 05:32 तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 05:32, 14 फ़र॰ तक
कृष्ण त्रयोदशी 06:35, 15 फ़र॰ तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा 07:46, 14 फ़र॰ तक
योग
वज्रअशुभ 16:53 तक
सिद्धि 16:47, 14 फ़र॰ तक
करण
कौलव 16:48 तक
तैतिल 05:32, 14 फ़र॰ तक
गर 18:08, 14 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:52
सूर्यास्त
17:28
चंद्रोदय
04:43
चंद्रास्त
13:26
दिनमान
10h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:05 – 05:58
अभिजीत मुहूर्त
11:49 – 12:31

अशुभ समय

राहुकाल
10:50 – 12:10
यमगंड
14:49 – 16:08
गुलिक काल
08:11 – 09:31

13 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:52 – 08:11सामान्य
लाभ08:11 – 09:31शुभ
अमृत09:31 – 10:50शुभ
काल10:50 – 12:10टालें
शुभ12:10 – 13:29शुभ
रोग13:29 – 14:49टालें
उद्वेग14:49 – 16:08टालें
चर16:08 – 17:28सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:28 – 19:08टालें
काल19:08 – 20:49टालें
लाभ20:49 – 22:29शुभ
उद्वेग22:29 – 00:09टालें
शुभ00:09 – 01:50शुभ
अमृत01:50 – 03:30शुभ
चर03:30 – 05:10सामान्य
रोग05:10 – 06:51टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:5207:45दिन
बुध07:4508:38दिन
चंद्र08:3809:31दिन
शनि09:3110:24दिन
गुरु10:2411:17दिन
मंगल11:1712:10दिन
सूर्य12:1013:03दिन
शुक्र13:0313:56दिन
बुध13:5614:49दिन
चंद्र14:4915:42दिन
शनि15:4216:35दिन
गुरु16:3517:28दिन
मंगल17:2818:35रात
सूर्य18:3519:42रात
शुक्र19:4220:49रात
बुध20:4921:56रात
चंद्र21:5623:02रात
शनि23:0200:09रात
गुरु00:0901:16रात
मंगल01:1602:23रात
सूर्य02:2303:30रात
शुक्र03:3004:37रात
बुध04:3705:44रात
चंद्र05:4406:51रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
14 फ़र॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
17 फ़र॰ 2026फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
20 फ़र॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
27 फ़र॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
1 मार्च 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 मार्च 2026फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
7 मार्च 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
11 मार्च 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 मार्च 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 मार्च 2026मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश

तिथियां न्यूयॉर्क में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2219° (लाहिड़ी)। समय न्यूयॉर्क (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।