10 दिसंबर 2026 को न्यूयॉर्क का पंचांग

गुरुवार, 10 दिसंबर 2026, न्यूयॉर्क, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

गुरुवार, 10 दिसंबर 2026 को न्यूयॉर्क में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (00:53, 11 दिस॰ तक), नक्षत्र मूल (13:28 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 07:09 पर और सूर्यास्त 16:28 पर है। राहुकाल 12:58 से 14:08 तक है।

दिन और रात
दिन 07:09 – 16:28
रात 07:09 तक
तिथि
द्वितीया, 00:53 तक
तृतीया
नक्षत्र
मूल, 13:28 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 दिसंबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 00:53, 11 दिस॰ तक
शुक्ल तृतीया 03:36, 12 दिस॰ तक
नक्षत्र
मूल 13:28 तक
पूर्वाषाढ़ा 16:34, 11 दिस॰ तक
योग
गंडअशुभ 23:48 तक
वृद्धि 00:47, 12 दिस॰ तक
करण
बालव 11:33 तक
कौलव 00:53, 11 दिस॰ तक
तैतिल 14:14, 11 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:09
सूर्यास्त
16:28
चंद्रोदय
08:47
चंद्रास्त
17:38
दिनमान
9h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:11 – 06:10
अभिजीत मुहूर्त
11:30 – 12:07

अशुभ समय

राहुकाल
12:58 – 14:08
यमगंड
07:09 – 08:19
गुलिक काल
09:28 – 10:38

10 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:09 – 08:19शुभ
रोग08:19 – 09:28टालें
उद्वेग09:28 – 10:38टालें
चर10:38 – 11:48सामान्य
लाभ11:48 – 12:58शुभ
अमृत12:58 – 14:08शुभ
काल14:08 – 15:18टालें
शुभ15:18 – 16:28शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत16:28 – 18:18शुभ
चर18:18 – 20:08सामान्य
रोग20:08 – 21:59टालें
काल21:59 – 23:49टालें
लाभ23:49 – 01:39शुभ
उद्वेग01:39 – 03:29टालें
शुभ03:29 – 05:19शुभ
अमृत05:19 – 07:09शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:0907:55दिन
मंगल07:5508:42दिन
सूर्य08:4209:28दिन
शुक्र09:2810:15दिन
बुध10:1511:02दिन
चंद्र11:0211:48दिन
शनि11:4812:35दिन
गुरु12:3513:22दिन
मंगल13:2214:08दिन
सूर्य14:0814:55दिन
शुक्र14:5515:41दिन
बुध15:4116:28दिन
चंद्र16:2817:41रात
शनि17:4118:55रात
गुरु18:5520:08रात
मंगल20:0821:22रात
सूर्य21:2222:35रात
शुक्र22:3523:49रात
बुध23:4901:02रात
चंद्र01:0202:16रात
शनि02:1603:29रात
गुरु03:2904:43रात
मंगल04:4305:56रात
सूर्य05:5607:09रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
12 दिस॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
15 दिस॰ 2026धनु संक्रांतिसूर्य का धनु में प्रवेश
20 दिस॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
21 दिस॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
23 दिस॰ 2026मार्गशीर्ष पूर्णिमापूर्णिमा
26 दिस॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
30 दिस॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 जन॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
5 जन॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
7 जन॰ 2027पौष अमावस्याअमावस्या

तिथियां न्यूयॉर्क में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2334° (लाहिड़ी)। समय न्यूयॉर्क (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।