26 फ़रवरी 2025 को पारामारिबो का पंचांग

बुधवार, 26 फ़रवरी 2025, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

बुधवार, 26 फ़रवरी 2025 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (00:25, 27 फ़र॰ तक), नक्षत्र श्रवण (08:53 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 06:53 पर और सूर्यास्त 18:53 पर है। राहुकाल 12:53 से 14:23 तक है।

दिन और रात
दिन 06:53 – 18:53
रात 06:53 तक
तिथि
चतुर्दशी, 00:25 तक
अमावस्या
नक्षत्र
धनिष्ठा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 फ़रवरी 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 00:25, 27 फ़र॰ तक
अमावस्या 21:44, 27 फ़र॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 08:53 तक
धनिष्ठा 07:13, 27 फ़र॰ तक
योग
परिघअशुभ 18:27 तक
शिव 15:10, 27 फ़र॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 13:35 तक
शकुनि 00:25, 27 फ़र॰ तक
चतुष्पद 11:07, 27 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
मकर 20:07 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:53
सूर्यास्त
18:53
चंद्रोदय
05:40
चंद्रास्त
17:49
दिनमान
12h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:17 – 06:05
अभिजीत मुहूर्त
12:29 – 13:17 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:53 – 14:23
यमगंड
08:23 – 09:53
गुलिक काल
11:23 – 12:53

26 फ़रवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:53 – 08:23शुभ
अमृत08:23 – 09:53शुभ
काल09:53 – 11:23टालें
शुभ11:23 – 12:53शुभ
रोग12:53 – 14:23टालें
उद्वेग14:23 – 15:53टालें
चर15:53 – 17:23सामान्य
लाभ17:23 – 18:53शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:53 – 20:23टालें
शुभ20:23 – 21:53शुभ
अमृत21:53 – 23:23शुभ
चर23:23 – 00:53सामान्य
रोग00:53 – 02:23टालें
काल02:23 – 03:53टालें
लाभ03:53 – 05:23शुभ
उद्वेग05:23 – 06:53टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:5307:53दिन
चंद्र07:5308:53दिन
शनि08:5309:53दिन
गुरु09:5310:53दिन
मंगल10:5311:53दिन
सूर्य11:5312:53दिन
शुक्र12:5313:53दिन
बुध13:5314:53दिन
चंद्र14:5315:53दिन
शनि15:5316:53दिन
गुरु16:5317:53दिन
मंगल17:5318:53दिन
सूर्य18:5319:53रात
शुक्र19:5320:53रात
बुध20:5321:53रात
चंद्र21:5322:53रात
शनि22:5323:53रात
गुरु23:5300:53रात
मंगल00:5301:53रात
सूर्य01:5302:53रात
शुक्र02:5303:53रात
बुध03:5304:53रात
चंद्र04:5305:53रात
शनि05:5306:53रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
27 फ़र॰ 2025फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
3 मार्च 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
9 मार्च 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
11 मार्च 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
13 मार्च 2025फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
14 मार्च 2025मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
18 मार्च 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
22 मार्च 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
25 मार्च 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 मार्च 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2085° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।