3 अप्रैल 2025 को पारामारिबो का पंचांग

गुरुवार, 3 अप्रैल 2025, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

गुरुवार, 3 अप्रैल 2025 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (13:11 तक), नक्षत्र मृगशिरा (21:21 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:38 पर और सूर्यास्त 18:49 पर है। राहुकाल 14:15 से 15:46 तक है।

दिन और रात
दिन 06:38 – 18:49
रात 06:37 तक
तिथि
षष्ठी, 13:11 तक
सप्तमी
नक्षत्र
मृगशिरा, 21:21 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 13:11 तक
शुक्ल सप्तमी 11:43, 4 अप्रैल तक
नक्षत्र
आर्द्रा 20:50, 4 अप्रैल तक
योग
सौभाग्य 15:31 तक
शोभन 13:15, 4 अप्रैल तक
करण
तैतिल 13:11 तक
गर 00:22, 4 अप्रैल तक
वणिज 11:43, 4 अप्रैल तक
चंद्र राशि
वृषभ 09:52 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:38
सूर्यास्त
18:49
चंद्रोदय
11:17
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
12h 11m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:03 – 05:51
अभिजीत मुहूर्त
12:19 – 13:08

अशुभ समय

राहुकाल
14:15 – 15:46
यमगंड
06:38 – 08:09
गुलिक काल
09:41 – 11:12

3 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:38 – 08:09शुभ
रोग08:09 – 09:41टालें
उद्वेग09:41 – 11:12टालें
चर11:12 – 12:43सामान्य
लाभ12:43 – 14:15शुभ
अमृत14:15 – 15:46शुभ
काल15:46 – 17:18टालें
शुभ17:18 – 18:49शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:49 – 20:17शुभ
चर20:17 – 21:46सामान्य
रोग21:46 – 23:15टालें
काल23:15 – 00:43टालें
लाभ00:43 – 02:12शुभ
उद्वेग02:12 – 03:40टालें
शुभ03:40 – 05:09शुभ
अमृत05:09 – 06:37शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:3807:39दिन
मंगल07:3908:40दिन
सूर्य08:4009:41दिन
शुक्र09:4110:41दिन
बुध10:4111:42दिन
चंद्र11:4212:43दिन
शनि12:4313:44दिन
गुरु13:4414:45दिन
मंगल14:4515:46दिन
सूर्य15:4616:47दिन
शुक्र16:4717:48दिन
बुध17:4818:49दिन
चंद्र18:4919:48रात
शनि19:4820:47रात
गुरु20:4721:46रात
मंगल21:4622:45रात
सूर्य22:4523:44रात
शुक्र23:4400:43रात
बुध00:4301:42रात
चंद्र01:4202:41रात
शनि02:4103:40रात
गुरु03:4004:39रात
मंगल04:3905:38रात
सूर्य05:3806:37रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
8 अप्रैल 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
10 अप्रैल 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
12 अप्रैल 2025चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
13 अप्रैल 2025मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
16 अप्रैल 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
21 अप्रैल 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
23 अप्रैल 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
25 अप्रैल 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
27 अप्रैल 2025वैशाख अमावस्याअमावस्या
30 अप्रैल 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2098° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।