5 नवंबर 2025 को पारामारिबो का पंचांग

बुधवार, 5 नवंबर 2025, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

बुधवार, 5 नवंबर 2025 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (10:19 तक), नक्षत्र भरणी (22:04 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 06:27 पर और सूर्यास्त 18:21 पर है। राहुकाल 12:24 से 13:53 तक है।

दिन और रात
दिन 06:27 – 18:21
रात 06:27 तक
तिथि
पूर्णिमा, 10:19 तक
प्रतिपदा, 06:25 तक
नक्षत्र
भरणी, 22:04 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 नवंबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
पूर्णिमा 10:19 तक
कृष्ण प्रतिपदा 06:25, 6 नव॰ तक
कृष्ण द्वितीया 02:35, 7 नव॰ तक
नक्षत्र
भरणी 22:04 तक
कृत्तिका 18:57, 6 नव॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 22:34 तक
वरीयान 18:11, 6 नव॰ तक
करण
बव 10:19 तक
बालव 20:22 तक
कौलव 06:25, 6 नव॰ तक
तैतिल 16:29, 6 नव॰ तक
चंद्र राशि
मेष 03:17, 6 नव॰ तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:27
सूर्यास्त
18:21
चंद्रोदय
18:29
चंद्रास्त
06:16
दिनमान
11h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:50 – 05:39
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:48 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:24 – 13:53
यमगंड
07:56 – 09:25
गुलिक काल
10:55 – 12:24

5 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:27 – 07:56शुभ
अमृत07:56 – 09:25शुभ
काल09:25 – 10:55टालें
शुभ10:55 – 12:24शुभ
रोग12:24 – 13:53टालें
उद्वेग13:53 – 15:22टालें
चर15:22 – 16:51सामान्य
लाभ16:51 – 18:21शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:21 – 19:51टालें
शुभ19:51 – 21:22शुभ
अमृत21:22 – 22:53शुभ
चर22:53 – 00:24सामान्य
रोग00:24 – 01:55टालें
काल01:55 – 03:25टालें
लाभ03:25 – 04:56शुभ
उद्वेग04:56 – 06:27टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:2707:26दिन
चंद्र07:2608:26दिन
शनि08:2609:25दिन
गुरु09:2510:25दिन
मंगल10:2511:24दिन
सूर्य11:2412:24दिन
शुक्र12:2413:23दिन
बुध13:2314:23दिन
चंद्र14:2315:22दिन
शनि15:2216:22दिन
गुरु16:2217:21दिन
मंगल17:2118:21दिन
सूर्य18:2119:21रात
शुक्र19:2120:22रात
बुध20:2221:22रात
चंद्र21:2222:23रात
शनि22:2323:23रात
गुरु23:2300:24रात
मंगल00:2401:24रात
सूर्य01:2402:25रात
शुक्र02:2503:25रात
बुध03:2504:26रात
चंद्र04:2605:27रात
शनि05:2706:27रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
5 नव॰ 2025कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
8 नव॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
12 नव॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
15 नव॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 नव॰ 2025वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
17 नव॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
19 नव॰ 2025मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
24 नव॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
1 दिस॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
2 दिस॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
4 दिस॰ 2025मार्गशीर्ष पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2181° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।