27 दिसंबर 2025 को पारामारिबो का पंचांग

शनिवार, 27 दिसंबर 2025, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

शनिवार, 27 दिसंबर 2025 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (03:30, 28 दिस॰ तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (00:13, 28 दिस॰ तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:48 पर और सूर्यास्त 18:35 पर है। राहुकाल 09:45 से 11:13 तक है।

दिन और रात
दिन 06:48 – 18:35
रात 06:48 तक
तिथि
अष्टमी, 03:30 तक
नवमी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 00:13 तक
रेवती
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 दिसंबर 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 03:30, 28 दिस॰ तक
शुक्ल नवमी 01:42, 29 दिस॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 00:13, 28 दिस॰ तक
रेवती 23:11, 28 दिस॰ तक
योग
वरीयान 01:43, 28 दिस॰ तक
परिघअशुभ 23:06, 28 दिस॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 16:09 तक
बव 03:30, 28 दिस॰ तक
बालव 14:41, 28 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:48
सूर्यास्त
18:35
चंद्रोदय
12:26
चंद्रास्त
00:04
दिनमान
11h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:10 – 05:59
अभिजीत मुहूर्त
12:18 – 13:05

अशुभ समय

राहुकाल
09:45 – 11:13
यमगंड
14:10 – 15:38
गुलिक काल
06:48 – 08:16

27 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:48 – 08:16टालें
शुभ08:16 – 09:45शुभ
रोग09:45 – 11:13टालें
उद्वेग11:13 – 12:41टालें
चर12:41 – 14:10सामान्य
लाभ14:10 – 15:38शुभ
अमृत15:38 – 17:07शुभ
काल17:07 – 18:35टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:35 – 20:07शुभ
उद्वेग20:07 – 21:38टालें
शुभ21:38 – 23:10शुभ
अमृत23:10 – 00:42शुभ
चर00:42 – 02:13सामान्य
रोग02:13 – 03:45टालें
काल03:45 – 05:17टालें
लाभ05:17 – 06:48शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:4807:47दिन
गुरु07:4708:46दिन
मंगल08:4609:45दिन
सूर्य09:4510:44दिन
शुक्र10:4411:42दिन
बुध11:4212:41दिन
चंद्र12:4113:40दिन
शनि13:4014:39दिन
गुरु14:3915:38दिन
मंगल15:3816:37दिन
सूर्य16:3717:36दिन
शुक्र17:3618:35दिन
बुध18:3519:36रात
चंद्र19:3620:37रात
शनि20:3721:38रात
गुरु21:3822:39रात
मंगल22:3923:41रात
सूर्य23:4100:42रात
शुक्र00:4201:43रात
बुध01:4302:44रात
चंद्र02:4403:45रात
शनि03:4504:46रात
गुरु04:4605:47रात
मंगल05:4706:48रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
30 दिस॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
1 जन॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 जन॰ 2026पौष पूर्णिमापूर्णिमा
6 जन॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
10 जन॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
13 जन॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 जन॰ 2026मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
16 जन॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
18 जन॰ 2026माघ अमावस्याअमावस्या
22 जन॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2201° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।