2 जनवरी 2026 को पारामारिबो का पंचांग

शुक्रवार, 2 जनवरी 2026, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

शुक्रवार, 2 जनवरी 2026 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (10:23 तक), नक्षत्र मृगशिरा (11:34 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:50 पर और सूर्यास्त 18:38 पर है। राहुकाल 11:16 से 12:44 तक है।

दिन और रात
दिन 06:50 – 18:38
रात 06:51 तक
तिथि
चतुर्दशी, 10:23 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
मृगशिरा, 11:34 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 जनवरी 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 10:23 तक
पूर्णिमा 07:02, 3 जन॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 08:58, 3 जन॰ तक
योग
ब्रह्म 00:35, 3 जन॰ तक
इंद्र 20:45, 3 जन॰ तक
करण
वणिज 10:23 तक
विष्टि (भद्रा) 20:41 तक
बव 07:02, 3 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:50
सूर्यास्त
18:38
चंद्रोदय
18:01
चंद्रास्त
05:52
दिनमान
11h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:13 – 06:02
अभिजीत मुहूर्त
12:21 – 13:08

अशुभ समय

राहुकाल
11:16 – 12:44
यमगंड
15:41 – 17:10
गुलिक काल
08:19 – 09:47

2 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:50 – 08:19सामान्य
लाभ08:19 – 09:47शुभ
अमृत09:47 – 11:16शुभ
काल11:16 – 12:44टालें
शुभ12:44 – 14:13शुभ
रोग14:13 – 15:41टालें
उद्वेग15:41 – 17:10टालें
चर17:10 – 18:38सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:38 – 20:10टालें
काल20:10 – 21:41टालें
लाभ21:41 – 23:13शुभ
उद्वेग23:13 – 00:44टालें
शुभ00:44 – 02:16शुभ
अमृत02:16 – 03:48शुभ
चर03:48 – 05:19सामान्य
रोग05:19 – 06:51टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:5007:49दिन
बुध07:4908:48दिन
चंद्र08:4809:47दिन
शनि09:4710:46दिन
गुरु10:4611:45दिन
मंगल11:4512:44दिन
सूर्य12:4413:43दिन
शुक्र13:4314:42दिन
बुध14:4215:41दिन
चंद्र15:4116:40दिन
शनि16:4017:39दिन
गुरु17:3918:38दिन
मंगल18:3819:39रात
सूर्य19:3920:40रात
शुक्र20:4021:41रात
बुध21:4122:42रात
चंद्र22:4223:43रात
शनि23:4300:44रात
गुरु00:4401:46रात
मंगल01:4602:47रात
सूर्य02:4703:48रात
शुक्र03:4804:49रात
बुध04:4905:50रात
चंद्र05:5006:51रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
3 जन॰ 2026पौष पूर्णिमापूर्णिमा
6 जन॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
10 जन॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
13 जन॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 जन॰ 2026मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
16 जन॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
18 जन॰ 2026माघ अमावस्याअमावस्या
22 जन॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 जन॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 जन॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2203° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।