5 फ़रवरी 2026 को पारामारिबो का पंचांग

गुरुवार, 5 फ़रवरी 2026, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

गुरुवार, 5 फ़रवरी 2026 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (15:52 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (14:27 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:57 पर और सूर्यास्त 18:51 पर है। राहुकाल 14:23 से 15:53 तक है।

दिन और रात
दिन 06:57 – 18:51
रात 06:57 तक
तिथि
चतुर्थी, 15:52 तक
पंचमी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 14:27 तक
हस्त
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 15:52 तक
कृष्ण पंचमी 16:49, 6 फ़र॰ तक
नक्षत्र
हस्त 15:54, 6 फ़र॰ तक
योग
सुकर्मा 15:34 तक
धृति 15:07, 6 फ़र॰ तक
करण
बालव 15:52 तक
कौलव 04:15, 6 फ़र॰ तक
तैतिल 16:49, 6 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:57
सूर्यास्त
18:51
चंद्रोदय
22:04
चंद्रास्त
09:39
दिनमान
11h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:20 – 06:09
अभिजीत मुहूर्त
12:30 – 13:18

अशुभ समय

राहुकाल
14:23 – 15:53
यमगंड
06:57 – 08:27
गुलिक काल
09:56 – 11:25

5 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:57 – 08:27शुभ
रोग08:27 – 09:56टालें
उद्वेग09:56 – 11:25टालें
चर11:25 – 12:54सामान्य
लाभ12:54 – 14:23शुभ
अमृत14:23 – 15:53शुभ
काल15:53 – 17:22टालें
शुभ17:22 – 18:51शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:51 – 20:22शुभ
चर20:22 – 21:53सामान्य
रोग21:53 – 23:23टालें
काल23:23 – 00:54टालें
लाभ00:54 – 02:25शुभ
उद्वेग02:25 – 03:56टालें
शुभ03:56 – 05:26शुभ
अमृत05:26 – 06:57शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:5707:57दिन
मंगल07:5708:56दिन
सूर्य08:5609:56दिन
शुक्र09:5610:55दिन
बुध10:5511:55दिन
चंद्र11:5512:54दिन
शनि12:5413:54दिन
गुरु13:5414:53दिन
मंगल14:5315:53दिन
सूर्य15:5316:52दिन
शुक्र16:5217:52दिन
बुध17:5218:51दिन
चंद्र18:5119:52रात
शनि19:5220:52रात
गुरु20:5221:53रात
मंगल21:5322:53रात
सूर्य22:5323:54रात
शुक्र23:5400:54रात
बुध00:5401:55रात
चंद्र01:5502:55रात
शनि02:5503:56रात
गुरु03:5604:56रात
मंगल04:5605:57रात
सूर्य05:5706:57रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
5 फ़र॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
9 फ़र॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
12 फ़र॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 फ़र॰ 2026कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
15 फ़र॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
17 फ़र॰ 2026फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
20 फ़र॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
27 फ़र॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
1 मार्च 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 मार्च 2026फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2216° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।