27 फ़रवरी 2026 को पारामारिबो का पंचांग

शुक्रवार, 27 फ़रवरी 2026, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

शुक्रवार, 27 फ़रवरी 2026 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (14:03 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (01:05, 28 फ़र॰ तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:53 पर और सूर्यास्त 18:53 पर है। राहुकाल 11:23 से 12:53 तक है।

दिन और रात
दिन 06:53 – 18:53
रात 06:53 तक
तिथि
एकादशी, 14:03 तक
द्वादशी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 01:05 तक
पुष्य
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 14:03 तक
शुक्ल द्वादशी 12:13, 28 फ़र॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 01:05, 28 फ़र॰ तक
पुष्य 00:04, 1 मार्च तक
योग
आयुष्मान 11:13 तक
सौभाग्य 08:32, 28 फ़र॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 14:03 तक
बव 01:06, 28 फ़र॰ तक
बालव 12:13, 28 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 19:22 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:53
सूर्यास्त
18:53
चंद्रोदय
15:37
चंद्रास्त
03:30
दिनमान
12h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:17 – 06:05
अभिजीत मुहूर्त
12:29 – 13:17

अशुभ समय

राहुकाल
11:23 – 12:53
यमगंड
15:53 – 17:23
गुलिक काल
08:23 – 09:53

27 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:53 – 08:23सामान्य
लाभ08:23 – 09:53शुभ
अमृत09:53 – 11:23शुभ
काल11:23 – 12:53टालें
शुभ12:53 – 14:23शुभ
रोग14:23 – 15:53टालें
उद्वेग15:53 – 17:23टालें
चर17:23 – 18:53सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:53 – 20:23टालें
काल20:23 – 21:53टालें
लाभ21:53 – 23:23शुभ
उद्वेग23:23 – 00:53टालें
शुभ00:53 – 02:23शुभ
अमृत02:23 – 03:53शुभ
चर03:53 – 05:23सामान्य
रोग05:23 – 06:53टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:5307:53दिन
बुध07:5308:53दिन
चंद्र08:5309:53दिन
शनि09:5310:53दिन
गुरु10:5311:53दिन
मंगल11:5312:53दिन
सूर्य12:5313:53दिन
शुक्र13:5314:53दिन
बुध14:5315:53दिन
चंद्र15:5316:53दिन
शनि16:5317:53दिन
गुरु17:5318:53दिन
मंगल18:5319:53रात
सूर्य19:5320:53रात
शुक्र20:5321:53रात
बुध21:5322:53रात
चंद्र22:5323:53रात
शनि23:5300:53रात
गुरु00:5301:53रात
मंगल01:5302:53रात
सूर्य02:5303:53रात
शुक्र03:5304:53रात
बुध04:5305:53रात
चंद्र05:5306:53रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
27 फ़र॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
1 मार्च 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 मार्च 2026फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
7 मार्च 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
11 मार्च 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 मार्च 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 मार्च 2026मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
16 मार्च 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
18 मार्च 2026चैत्र अमावस्याअमावस्या
22 मार्च 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 मार्च 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2225° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।