4 मार्च 2026 को पारामारिबो का पंचांग

बुधवार, 4 मार्च 2026, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

बुधवार, 4 मार्च 2026 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (08:19 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (23:47 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:51 पर और सूर्यास्त 18:53 पर है। राहुकाल 12:52 से 14:22 तक है।

दिन और रात
दिन 06:51 – 18:53
रात 06:51 तक
तिथि
द्वितीया
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 23:47 तक
हस्त
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 मार्च 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 08:19 तक
कृष्ण द्वितीया 08:34, 5 मार्च तक
नक्षत्र
हस्त 01:00, 6 मार्च तक
योग
शूलअशुभ 23:15 तक
गंडअशुभ 22:35, 5 मार्च तक
करण
कौलव 08:19 तक
तैतिल 20:22 तक
गर 08:34, 5 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:51
सूर्यास्त
18:53
चंद्रोदय
19:56
चंद्रास्त
07:32
दिनमान
12h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:15 – 06:03
अभिजीत मुहूर्त
12:28 – 13:16 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:52 – 14:22
यमगंड
08:21 – 09:51
गुलिक काल
11:22 – 12:52

4 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:51 – 08:21शुभ
अमृत08:21 – 09:51शुभ
काल09:51 – 11:22टालें
शुभ11:22 – 12:52शुभ
रोग12:52 – 14:22टालें
उद्वेग14:22 – 15:52टालें
चर15:52 – 17:22सामान्य
लाभ17:22 – 18:53शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:53 – 20:22टालें
शुभ20:22 – 21:52शुभ
अमृत21:52 – 23:22शुभ
चर23:22 – 00:52सामान्य
रोग00:52 – 02:21टालें
काल02:21 – 03:51टालें
लाभ03:51 – 05:21शुभ
उद्वेग05:21 – 06:51टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:5107:51दिन
चंद्र07:5108:51दिन
शनि08:5109:51दिन
गुरु09:5110:52दिन
मंगल10:5211:52दिन
सूर्य11:5212:52दिन
शुक्र12:5213:52दिन
बुध13:5214:52दिन
चंद्र14:5215:52दिन
शनि15:5216:52दिन
गुरु16:5217:52दिन
मंगल17:5218:53दिन
सूर्य18:5319:52रात
शुक्र19:5220:52रात
बुध20:5221:52रात
चंद्र21:5222:52रात
शनि22:5223:52रात
गुरु23:5200:52रात
मंगल00:5201:51रात
सूर्य01:5102:51रात
शुक्र02:5103:51रात
बुध03:5104:51रात
चंद्र04:5105:51रात
शनि05:5106:51रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
7 मार्च 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
11 मार्च 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 मार्च 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 मार्च 2026मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
16 मार्च 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
18 मार्च 2026चैत्र अमावस्याअमावस्या
22 मार्च 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 मार्च 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 मार्च 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 अप्रैल 2026चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2227° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।