28 सितंबर 2026 को पारामारिबो का पंचांग

सोमवार, 28 सितंबर 2026, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

सोमवार, 28 सितंबर 2026 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (10:44 तक), नक्षत्र अश्विनी (00:33, 29 सित॰ तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:28 पर और सूर्यास्त 18:33 पर है। राहुकाल 07:59 से 09:30 तक है।

दिन और रात
दिन 06:28 – 18:33
रात 06:28 तक
तिथि
द्वितीया, 10:44 तक
तृतीया
नक्षत्र
अश्विनी, 00:33 तक
भरणी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 सितंबर 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 10:44 तक
कृष्ण तृतीया 08:40, 29 सित॰ तक
नक्षत्र
अश्विनी 00:33, 29 सित॰ तक
भरणी 23:06, 29 सित॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 21:43 तक
हर्षण 18:50, 29 सित॰ तक
करण
गर 10:44 तक
वणिज 21:44 तक
विष्टि (भद्रा) 08:40, 29 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:28
सूर्यास्त
18:33
चंद्रोदय
20:06
चंद्रास्त
07:54
दिनमान
12h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:53 – 05:41
अभिजीत मुहूर्त
12:07 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
07:59 – 09:30
यमगंड
11:00 – 12:31
गुलिक काल
14:01 – 15:32

28 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:28 – 07:59शुभ
काल07:59 – 09:30टालें
शुभ09:30 – 11:00शुभ
रोग11:00 – 12:31टालें
उद्वेग12:31 – 14:01टालें
चर14:01 – 15:32सामान्य
लाभ15:32 – 17:02शुभ
अमृत17:02 – 18:33शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:33 – 20:02सामान्य
रोग20:02 – 21:32टालें
काल21:32 – 23:01टालें
लाभ23:01 – 00:31शुभ
उद्वेग00:31 – 02:00टालें
शुभ02:00 – 03:29शुभ
अमृत03:29 – 04:59शुभ
चर04:59 – 06:28सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:2807:29दिन
शनि07:2908:29दिन
गुरु08:2909:30दिन
मंगल09:3010:30दिन
सूर्य10:3011:30दिन
शुक्र11:3012:31दिन
बुध12:3113:31दिन
चंद्र13:3114:32दिन
शनि14:3215:32दिन
गुरु15:3216:32दिन
मंगल16:3217:33दिन
सूर्य17:3318:33दिन
शुक्र18:3319:33रात
बुध19:3320:32रात
चंद्र20:3221:32रात
शनि21:3222:31रात
गुरु22:3123:31रात
मंगल23:3100:31रात
सूर्य00:3101:30रात
शुक्र01:3002:30रात
बुध02:3003:29रात
चंद्र03:2904:29रात
शनि04:2905:29रात
गुरु05:2906:28रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
29 सित॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
3 अक्टू॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
6 अक्टू॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
8 अक्टू॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
10 अक्टू॰ 2026आश्विन अमावस्याअमावस्या
14 अक्टू॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
17 अक्टू॰ 2026तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
21 अक्टू॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
23 अक्टू॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
25 अक्टू॰ 2026आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2306° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।