30 सितंबर 2026 को पारामारिबो का पंचांग

बुधवार, 30 सितंबर 2026, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

बुधवार, 30 सितंबर 2026 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (04:05, 1 अक्टू॰ तक), नक्षत्र कृत्तिका (21:32 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:28 पर और सूर्यास्त 18:32 पर है। राहुकाल 12:30 से 14:01 तक है।

दिन और रात
दिन 06:28 – 18:32
रात 06:28 तक
तिथि
पंचमी, 04:05 तक
षष्ठी
नक्षत्र
कृत्तिका, 21:32 तक
रोहिणी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 सितंबर 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 04:05, 1 अक्टू॰ तक
कृष्ण षष्ठी 01:45, 2 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 19:57, 1 अक्टू॰ तक
योग
वज्रअशुभ 15:50 तक
सिद्धि 12:48, 1 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 17:16 तक
तैतिल 04:05, 1 अक्टू॰ तक
गर 14:55, 1 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:28
सूर्यास्त
18:32
चंद्रोदय
21:56
चंद्रास्त
09:48
दिनमान
12h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:53 – 05:40
अभिजीत मुहूर्त
12:06 – 12:54 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:30 – 14:01
यमगंड
07:59 – 09:29
गुलिक काल
11:00 – 12:30

30 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:28 – 07:59शुभ
अमृत07:59 – 09:29शुभ
काल09:29 – 11:00टालें
शुभ11:00 – 12:30शुभ
रोग12:30 – 14:01टालें
उद्वेग14:01 – 15:31टालें
चर15:31 – 17:02सामान्य
लाभ17:02 – 18:32शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:32 – 20:02टालें
शुभ20:02 – 21:31शुभ
अमृत21:31 – 23:01शुभ
चर23:01 – 00:30सामान्य
रोग00:30 – 01:59टालें
काल01:59 – 03:29टालें
लाभ03:29 – 04:58शुभ
उद्वेग04:58 – 06:28टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:2807:28दिन
चंद्र07:2808:29दिन
शनि08:2909:29दिन
गुरु09:2910:29दिन
मंगल10:2911:30दिन
सूर्य11:3012:30दिन
शुक्र12:3013:30दिन
बुध13:3014:31दिन
चंद्र14:3115:31दिन
शनि15:3116:31दिन
गुरु16:3117:32दिन
मंगल17:3218:32दिन
सूर्य18:3219:32रात
शुक्र19:3220:31रात
बुध20:3121:31रात
चंद्र21:3122:31रात
शनि22:3123:30रात
गुरु23:3000:30रात
मंगल00:3001:30रात
सूर्य01:3002:29रात
शुक्र02:2903:29रात
बुध03:2904:29रात
चंद्र04:2905:28रात
शनि05:2806:28रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
3 अक्टू॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
6 अक्टू॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
8 अक्टू॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
10 अक्टू॰ 2026आश्विन अमावस्याअमावस्या
14 अक्टू॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
17 अक्टू॰ 2026तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
21 अक्टू॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
23 अक्टू॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
25 अक्टू॰ 2026आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
29 अक्टू॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2307° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।