19 अक्टूबर 2026 को पारामारिबो का पंचांग

सोमवार, 19 अक्टूबर 2026, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (04:20, 20 अक्टू॰ तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (07:08 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:26 पर और सूर्यास्त 18:24 पर है। राहुकाल 07:56 से 09:26 तक है।

दिन और रात
दिन 06:26 – 18:24
रात 06:26 तक
तिथि
नवमी, 04:20 तक
दशमी
नक्षत्र
श्रवण
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल नवमी 04:20, 20 अक्टू॰ तक
शुक्ल दशमी 05:42, 21 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 09:32, 20 अक्टू॰ तक
योग
धृति 16:05 तक
शूलअशुभ 16:20, 20 अक्टू॰ तक
करण
बालव 15:25 तक
कौलव 04:20, 20 अक्टू॰ तक
तैतिल 17:06, 20 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:26
सूर्यास्त
18:24
चंद्रोदय
13:38
चंद्रास्त
00:55
दिनमान
11h 58m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:50 – 05:38
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:49

अशुभ समय

राहुकाल
07:56 – 09:26
यमगंड
10:55 – 12:25
गुलिक काल
13:55 – 15:25

19 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:26 – 07:56शुभ
काल07:56 – 09:26टालें
शुभ09:26 – 10:55शुभ
रोग10:55 – 12:25टालें
उद्वेग12:25 – 13:55टालें
चर13:55 – 15:25सामान्य
लाभ15:25 – 16:54शुभ
अमृत16:54 – 18:24शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:24 – 19:54सामान्य
रोग19:54 – 21:25टालें
काल21:25 – 22:55टालें
लाभ22:55 – 00:25शुभ
उद्वेग00:25 – 01:55टालें
शुभ01:55 – 03:25शुभ
अमृत03:25 – 04:56शुभ
चर04:56 – 06:26सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:2607:26दिन
शनि07:2608:26दिन
गुरु08:2609:26दिन
मंगल09:2610:25दिन
सूर्य10:2511:25दिन
शुक्र11:2512:25दिन
बुध12:2513:25दिन
चंद्र13:2514:25दिन
शनि14:2515:25दिन
गुरु15:2516:25दिन
मंगल16:2517:24दिन
सूर्य17:2418:24दिन
शुक्र18:2419:24रात
बुध19:2420:25रात
चंद्र20:2521:25रात
शनि21:2522:25रात
गुरु22:2523:25रात
मंगल23:2500:25रात
सूर्य00:2501:25रात
शुक्र01:2502:25रात
बुध02:2503:25रात
चंद्र03:2504:26रात
शनि04:2605:26रात
गुरु05:2606:26रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
21 अक्टू॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
23 अक्टू॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
25 अक्टू॰ 2026आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
29 अक्टू॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
1 नव॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
4 नव॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
6 नव॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
8 नव॰ 2026कार्तिक अमावस्याअमावस्या
13 नव॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 नव॰ 2026वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2314° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।