20 नवंबर 2026 को पारामारिबो का पंचांग

शुक्रवार, 20 नवंबर 2026, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

शुक्रवार, 20 नवंबर 2026 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (22:01 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (22:20 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:31 पर और सूर्यास्त 18:21 पर है। राहुकाल 10:57 से 12:26 तक है।

दिन और रात
दिन 06:31 – 18:21
रात 06:31 तक
तिथि
एकादशी, 22:01 तक
द्वादशी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 22:20 तक
रेवती
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 नवंबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 22:01 तक
शुक्ल द्वादशी 20:26, 21 नव॰ तक
नक्षत्र
रेवती 21:25, 21 नव॰ तक
योग
वज्रअशुभ 20:25 तक
सिद्धि 18:00, 21 नव॰ तक
करण
वणिज 10:30 तक
विष्टि (भद्रा) 22:01 तक
बव 09:20, 21 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:31
सूर्यास्त
18:21
चंद्रोदय
14:59
चंद्रास्त
02:39
दिनमान
11h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:53 – 05:42
अभिजीत मुहूर्त
12:02 – 12:49

अशुभ समय

राहुकाल
10:57 – 12:26
यमगंड
15:23 – 16:52
गुलिक काल
07:59 – 09:28

20 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:31 – 07:59सामान्य
लाभ07:59 – 09:28शुभ
अमृत09:28 – 10:57शुभ
काल10:57 – 12:26टालें
शुभ12:26 – 13:55शुभ
रोग13:55 – 15:23टालें
उद्वेग15:23 – 16:52टालें
चर16:52 – 18:21सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:21 – 19:52टालें
काल19:52 – 21:23टालें
लाभ21:23 – 22:55शुभ
उद्वेग22:55 – 00:26टालें
शुभ00:26 – 01:57शुभ
अमृत01:57 – 03:28शुभ
चर03:28 – 05:00सामान्य
रोग05:00 – 06:31टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3107:30दिन
बुध07:3008:29दिन
चंद्र08:2909:28दिन
शनि09:2810:27दिन
गुरु10:2711:27दिन
मंगल11:2712:26दिन
सूर्य12:2613:25दिन
शुक्र13:2514:24दिन
बुध14:2415:23दिन
चंद्र15:2316:23दिन
शनि16:2317:22दिन
गुरु17:2218:21दिन
मंगल18:2119:22रात
सूर्य19:2220:23रात
शुक्र20:2321:23रात
बुध21:2322:24रात
चंद्र22:2423:25रात
शनि23:2500:26रात
गुरु00:2601:27रात
मंगल01:2702:28रात
सूर्य02:2803:28रात
शुक्र03:2804:29रात
बुध04:2905:30रात
चंद्र05:3006:31रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
20 नव॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
22 नव॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
24 नव॰ 2026कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
27 नव॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
1 दिस॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
4 दिस॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
6 दिस॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
8 दिस॰ 2026मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
12 दिस॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 दिस॰ 2026धनु संक्रांतिसूर्य का धनु में प्रवेश

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2326° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।