26 नवंबर 2026 को पारामारिबो का पंचांग

गुरुवार, 26 नवंबर 2026, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

गुरुवार, 26 नवंबर 2026 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (01:19, 27 नव॰ तक), नक्षत्र मृगशिरा (09:17 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 06:33 पर और सूर्यास्त 18:22 पर है। राहुकाल 13:56 से 15:25 तक है।

दिन और रात
दिन 06:33 – 18:22
रात 06:33 तक
तिथि
तृतीया, 01:19 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
आर्द्रा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 नवंबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 01:19, 27 नव॰ तक
कृष्ण चतुर्थी 22:10, 27 नव॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 06:38, 27 नव॰ तक
योग
साध्य 19:14 तक
शुभ 15:21, 27 नव॰ तक
करण
वणिज 15:00 तक
विष्टि (भद्रा) 01:19, 27 नव॰ तक
बव 11:41, 27 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:33
सूर्यास्त
18:22
चंद्रोदय
20:41
चंद्रास्त
08:32
दिनमान
11h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:55 – 05:44
अभिजीत मुहूर्त
12:04 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
13:56 – 15:25
यमगंड
06:33 – 08:02
गुलिक काल
09:30 – 10:59

26 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:33 – 08:02शुभ
रोग08:02 – 09:30टालें
उद्वेग09:30 – 10:59टालें
चर10:59 – 12:27सामान्य
लाभ12:27 – 13:56शुभ
अमृत13:56 – 15:25शुभ
काल15:25 – 16:53टालें
शुभ16:53 – 18:22शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:22 – 19:53शुभ
चर19:53 – 21:25सामान्य
रोग21:25 – 22:56टालें
काल22:56 – 00:28टालें
लाभ00:28 – 01:59शुभ
उद्वेग01:59 – 03:30टालें
शुभ03:30 – 05:02शुभ
अमृत05:02 – 06:33शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:3307:32दिन
मंगल07:3208:31दिन
सूर्य08:3109:30दिन
शुक्र09:3010:29दिन
बुध10:2911:28दिन
चंद्र11:2812:27दिन
शनि12:2713:27दिन
गुरु13:2714:26दिन
मंगल14:2615:25दिन
सूर्य15:2516:24दिन
शुक्र16:2417:23दिन
बुध17:2318:22दिन
चंद्र18:2219:23रात
शनि19:2320:24रात
गुरु20:2421:25रात
मंगल21:2522:26रात
सूर्य22:2623:27रात
शुक्र23:2700:28रात
बुध00:2801:29रात
चंद्र01:2902:30रात
शनि02:3003:30रात
गुरु03:3004:31रात
मंगल04:3105:32रात
सूर्य05:3206:33रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
27 नव॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
1 दिस॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
4 दिस॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
6 दिस॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
8 दिस॰ 2026मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
12 दिस॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 दिस॰ 2026धनु संक्रांतिसूर्य का धनु में प्रवेश
20 दिस॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
21 दिस॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
23 दिस॰ 2026मार्गशीर्ष पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2329° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।