30 दिसंबर 2026 को पारामारिबो का पंचांग

बुधवार, 30 दिसंबर 2026, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

बुधवार, 30 दिसंबर 2026 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (04:02, 31 दिस॰ तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (07:07 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:49 पर और सूर्यास्त 18:36 पर है। राहुकाल 12:43 से 14:11 तक है।

दिन और रात
दिन 06:49 – 18:36
रात 06:49 तक
तिथि
अष्टमी, 04:02 तक
नवमी
नक्षत्र
हस्त
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 दिसंबर 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 04:02, 31 दिस॰ तक
कृष्ण नवमी 04:40, 1 जन॰ तक
नक्षत्र
हस्त 07:43, 31 दिस॰ तक
योग
शोभन 03:56, 31 दिस॰ तक
अतिगंडअशुभ 03:13, 1 जन॰ तक
करण
बालव 15:59 तक
कौलव 04:02, 31 दिस॰ तक
तैतिल 16:16, 31 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:49
सूर्यास्त
18:36
चंद्रोदय
00:04
चंद्रास्त
12:21
दिनमान
11h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:11 – 06:00
अभिजीत मुहूर्त
12:19 – 13:06 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:43 – 14:11
यमगंड
08:17 – 09:46
गुलिक काल
11:14 – 12:43

30 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:49 – 08:17शुभ
अमृत08:17 – 09:46शुभ
काल09:46 – 11:14टालें
शुभ11:14 – 12:43शुभ
रोग12:43 – 14:11टालें
उद्वेग14:11 – 15:40टालें
चर15:40 – 17:08सामान्य
लाभ17:08 – 18:36शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:36 – 20:08टालें
शुभ20:08 – 21:40शुभ
अमृत21:40 – 23:11शुभ
चर23:11 – 00:43सामान्य
रोग00:43 – 02:15टालें
काल02:15 – 03:46टालें
लाभ03:46 – 05:18शुभ
उद्वेग05:18 – 06:49टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:4907:48दिन
चंद्र07:4808:47दिन
शनि08:4709:46दिन
गुरु09:4610:45दिन
मंगल10:4511:44दिन
सूर्य11:4412:43दिन
शुक्र12:4313:42दिन
बुध13:4214:41दिन
चंद्र14:4115:40दिन
शनि15:4016:39दिन
गुरु16:3917:37दिन
मंगल17:3718:36दिन
सूर्य18:3619:38रात
शुक्र19:3820:39रात
बुध20:3921:40रात
चंद्र21:4022:41रात
शनि22:4123:42रात
गुरु23:4200:43रात
मंगल00:4301:44रात
सूर्य01:4402:45रात
शुक्र02:4503:46रात
बुध03:4604:47रात
चंद्र04:4705:48रात
शनि05:4806:49रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
30 दिस॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 जन॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
5 जन॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
7 जन॰ 2027पौष अमावस्याअमावस्या
11 जन॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
14 जन॰ 2027मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
18 जन॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
20 जन॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
22 जन॰ 2027पौष पूर्णिमापूर्णिमा
25 जन॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2342° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।