5 जनवरी 2028 को पारामारिबो का पंचांग

बुधवार, 5 जनवरी 2028, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

बुधवार, 5 जनवरी 2028 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (11:20 तक), नक्षत्र रेवती (18:01 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:51 पर और सूर्यास्त 18:39 पर है। राहुकाल 12:45 से 14:14 तक है।

दिन और रात
दिन 06:51 – 18:39
रात 06:52 तक
तिथि
अष्टमी, 11:20 तक
नवमी
नक्षत्र
रेवती, 18:01 तक
अश्विनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 जनवरी 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 11:20 तक
शुक्ल नवमी 12:05, 6 जन॰ तक
नक्षत्र
रेवती 18:01 तक
अश्विनी 19:05, 6 जन॰ तक
योग
शिव 04:20, 6 जन॰ तक
सिद्ध 03:18, 7 जन॰ तक
करण
बव 11:20 तक
बालव 23:48 तक
कौलव 12:05, 6 जन॰ तक
चंद्र राशि
मीन 18:01 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:51
सूर्यास्त
18:39
चंद्रोदय
12:48
चंद्रास्त
00:35
दिनमान
11h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:14 – 06:03
अभिजीत मुहूर्त
12:22 – 13:09 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:45 – 14:14
यमगंड
08:20 – 09:48
गुलिक काल
11:17 – 12:45

5 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:51 – 08:20शुभ
अमृत08:20 – 09:48शुभ
काल09:48 – 11:17टालें
शुभ11:17 – 12:45शुभ
रोग12:45 – 14:14टालें
उद्वेग14:14 – 15:42टालें
चर15:42 – 17:11सामान्य
लाभ17:11 – 18:39शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:39 – 20:11टालें
शुभ20:11 – 21:43शुभ
अमृत21:43 – 23:14शुभ
चर23:14 – 00:46सामान्य
रोग00:46 – 02:17टालें
काल02:17 – 03:49टालें
लाभ03:49 – 05:20शुभ
उद्वेग05:20 – 06:52टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:5107:50दिन
चंद्र07:5008:49दिन
शनि08:4909:48दिन
गुरु09:4810:47दिन
मंगल10:4711:46दिन
सूर्य11:4612:45दिन
शुक्र12:4513:44दिन
बुध13:4414:43दिन
चंद्र14:4315:42दिन
शनि15:4216:41दिन
गुरु16:4117:40दिन
मंगल17:4018:39दिन
सूर्य18:3919:40रात
शुक्र19:4020:41रात
बुध20:4121:43रात
चंद्र21:4322:44रात
शनि22:4423:45रात
गुरु23:4500:46रात
मंगल00:4601:47रात
सूर्य01:4702:48रात
शुक्र02:4803:49रात
बुध03:4904:50रात
चंद्र04:5005:51रात
शनि05:5106:52रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
8 जन॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
10 जन॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
11 जन॰ 2028पौष पूर्णिमापूर्णिमा
14 जन॰ 2028मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
15 जन॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
18 जन॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
21 जन॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
23 जन॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
26 जन॰ 2028माघ अमावस्याअमावस्या
30 जन॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2484° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।