29 जनवरी 2028 को पारामारिबो का पंचांग

शनिवार, 29 जनवरी 2028, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

शनिवार, 29 जनवरी 2028 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (20:13 तक), नक्षत्र शतभिषा (17:32 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:57 पर और सूर्यास्त 18:49 पर है। राहुकाल 09:55 से 11:24 तक है।

दिन और रात
दिन 06:57 – 18:49
रात 06:57 तक
तिथि
तृतीया, 20:13 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
शतभिषा, 17:32 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 जनवरी 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 20:13 तक
शुक्ल चतुर्थी 22:45, 30 जन॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 17:32 तक
पूर्वा भाद्रपद 20:31, 30 जन॰ तक
योग
वरीयान 07:48 तक
परिघअशुभ 08:42, 30 जन॰ तक
करण
गर 20:13 तक
वणिज 09:31, 30 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:57
सूर्यास्त
18:49
चंद्रोदय
08:51
चंद्रास्त
21:07
दिनमान
11h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:20 – 06:09
अभिजीत मुहूर्त
12:30 – 13:17

अशुभ समय

राहुकाल
09:55 – 11:24
यमगंड
14:22 – 15:51
गुलिक काल
06:57 – 08:26

29 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:57 – 08:26टालें
शुभ08:26 – 09:55शुभ
रोग09:55 – 11:24टालें
उद्वेग11:24 – 12:53टालें
चर12:53 – 14:22सामान्य
लाभ14:22 – 15:51शुभ
अमृत15:51 – 17:20शुभ
काल17:20 – 18:49टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:49 – 20:20शुभ
उद्वेग20:20 – 21:51टालें
शुभ21:51 – 23:22शुभ
अमृत23:22 – 00:53शुभ
चर00:53 – 02:24सामान्य
रोग02:24 – 03:55टालें
काल03:55 – 05:26टालें
लाभ05:26 – 06:57शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:5707:57दिन
गुरु07:5708:56दिन
मंगल08:5609:55दिन
सूर्य09:5510:55दिन
शुक्र10:5511:54दिन
बुध11:5412:53दिन
चंद्र12:5313:53दिन
शनि13:5314:52दिन
गुरु14:5215:51दिन
मंगल15:5116:51दिन
सूर्य16:5117:50दिन
शुक्र17:5018:49दिन
बुध18:4919:50रात
चंद्र19:5020:51रात
शनि20:5121:51रात
गुरु21:5122:52रात
मंगल22:5223:53रात
सूर्य23:5300:53रात
शुक्र00:5301:54रात
बुध01:5402:55रात
चंद्र02:5503:55रात
शनि03:5504:56रात
गुरु04:5605:57रात
मंगल05:5706:57रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
30 जन॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
6 फ़र॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
8 फ़र॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
10 फ़र॰ 2028माघ पूर्णिमापूर्णिमा
13 फ़र॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
13 फ़र॰ 2028कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
17 फ़र॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
20 फ़र॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
22 फ़र॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
24 फ़र॰ 2028फाल्गुन अमावस्याअमावस्या

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2493° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।